Ruchika Singh Noida News: प्रधानमंत्री के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में नोएडा पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. गाजियाबाद निवासी शिकायतकर्ता स्मृति सिंह की तहरीर पर नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में आरोपी युवती रुचिका सिंह के खिलाफ ‘जीरो एफआईआर’ (Zero FIR) दर्ज की गई है. पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. यह एफआईआर गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह ने दर्ज कराई है.
जंतर-मंतर पर किया था PM के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग
शिकायत के अनुसार, बीते 23 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर प्रदर्शन चल रहा था. इसी दौरान आरोपी रुचिका सिंह ने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए विवादित बयान दिया. शिकायत में कहा गया है कि आरोपी की इस अमर्यादित हरकत से प्रधानमंत्री के गरिमामयी और संवैधानिक पद को गहरी ठेस पहुंची है.
इन धाराओं में मामला दर्ज
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह बयान किसी बहकावे में नहीं, बल्कि जानबूझकर समाज में नफरत फैलाने, देश की जनता को भड़काने और सार्वजनिक शांति भंग करने की नीयत से दिया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए नोएडा की एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत जीरो FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.
किसने दर्ज की एफआईआर
गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान आरोपी जो नोएडा की रहने वाली है, सार्वजनिक रूप से देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था. तहरीर में कहा गया कि इससे न केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची है, बल्कि यह बयान जानबूझकर समाज में विद्वेष फैलाने और लोक शांति भंग करने की मंशा से दिया गया था. इस मामले में फिलहाल नोएडा पुलिस की तरफ से किसी प्रकार की कोई कार्रवाई या गिरफ्तारी नहीं की गई है. मामला दिल्ली से जुड़ा होने के चलते एफआईआर दिल्ली ट्रांसफर किया जाएगा.
क्या होती है जीरो FIR?
आमतौर पर जब कोई अपराध होता है, तो घटना वाले क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र वाले पुलिस स्टेशन में ही FIR दर्ज की जाती है. लेकिन ‘जीरो एफआईआर’ के तहत पीड़ित किसी भी पुलिस स्टेशन में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है. भले ही अपराध उस थाना क्षेत्र में नहीं हुआ हो. बाद में इस FIR को जांच के लिए संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है.
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