लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत लखनऊ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. लखनऊ की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने वजीरगंज थाना क्षेत्र से जुड़े नाबालिग से दुष्कर्म और मारपीट के गंभीर मामले में नामजद आरोपी पूरन कश्यप को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है.
59 हजार रुपये का लगा अर्थदंड
विशेष अदालत ने आरोपी पूरन कश्यप को पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म, घर में अवैध रूप से दाखिल होने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में दोषसिद्ध पाया. कोर्ट ने सजा के साथ-साथ अभियुक्त पर ₹59,000 का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि आरोपी द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई समय अवधि को उसकी मुख्य सजा में समायोजित (Adjust) किया जाएगा.
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी
इस मामले में पीड़िता को त्वरित और सख्त न्याय दिलाने के लिए वजीरगंज थाना पुलिस, अभियोजन कार्यालय तथा विभागीय पैरोकारों ने अदालत में बेहद मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए. पुलिस और अभियोजन पक्ष की इस एकजुट व प्रभावी पैरवी का ही नतीजा रहा कि अदालत ने आरोपी को सख्त सजा सुनाकर कड़ा संदेश दिया है.
पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 4 / धारा 6
नाबालिग के साथ दुष्कर्म या गंभीर यौन हमले के मामले में यह विशेष धारा लगाई जाती है, जिसके तहत कोर्ट ने 20 वर्ष के कठोर कारावास की मुख्य सजा सुनाई है.
आईपीसी की धारा 452 (घर में घुसना)
बिना अनुमति, तैयारी के साथ किसी के घर में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के लिए आईपीसी की धारा 323 (मारपीट): पीड़िता या उसके परिजनों को स्वेच्छा से चोट पहुंचाने या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए.
आईपीसी की धारा 506 (जान से मारने की धमकी)
आपराधिक धमकी देने और डराने के कृत्य के लिए.
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