UP Panchayat Election Allahabad High Court Hearing: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर आज इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई होगी. 26 मई को मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो रहा है. पिछली चार तारीखों से लगातार मामले की सुनवाई टल चुकी है. पिछली चार तारीखों से लगातार मामले की सुनवाई टल चुकी है. यह जनहित याचिका अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन की तरफ से दाखिल की गई है. इस याचिका में यूपी में पंचायत चुनाव कराए जाने की मांग की गई है.
26 मई को यूपी में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म
राज्य निर्वाचन आयोग पहली सुनवाई के बाद जवाब दाखिल कर चुका है. याचिकाकर्ता की तरफ से ग्राम पंचायतों के कार्यकाल खत्म होने से पहले चुनाव कराने की मांग की गई है. 26 मई को यूपी में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो रहा है. अब तक इलाहाबाद हाईकोर्ट में 25 मार्च, 1 अप्रैल और 8 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई टल चुकी है. इससे पहले 13 मार्च को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से याचिका पर जवाब मांगा था.
हाईकोर्ट का कहना था कि संविधान के अनुच्छेद 243 ई के तहत पंचायतों का कार्यकाल तय है. पहली बैठक से पांच साल की अवधि के लिए कार्यकाल होता है और इसे उससे अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता है. हाईकोर्ट ने इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग को हलफनामा में यह बताने का निर्देश दिया था कि 15 अप्रैल तक मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद 26 मई तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी कराना संभव है या नहीं?
समय पर पंचायत चुनाव कराने की मांग
यह याचिका अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन की ओर से दाखिल हुई है. इस पर हाईकोर्ट में जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच मामले की सुनवाई कर रही है. ऐसे में आज का दिन बेहद अहम होने जा रहा है, क्योंकि मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने जा रहा है. अब तक चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. याचिकाकर्ता ने यूपी में समय से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाने की मांग की है.
क्या है याचिकाकर्ता की मांग?
याचिकाकर्ता की मांग है कि अगर चुनाव समय पर नहीं कराए जाते हैं तो इससे स्थानीय शासन व्यवस्था पर असर पड़ेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया भी प्रभावित होगी, ऐसे में कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए. ताकि समय पर चुनाव हो सके.
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