noida international airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मई 2026 के अंत तक घरेलू और कार्गो उड़ानें शुरू करने की तैयारी है, जिसमें पहले चरण में 17 शहरों को जोड़ा जाएगा. एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए ₹300 करोड़ की लागत से 25 नए स्टैंड बनाने का भी निर्णय लिया गया है, जबकि सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.

noida international airport: उत्तर प्रदेश के नोएडा में बन रहा नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब जल्द ही यात्रियों के लिए खुलने वाला है. अगले महीने से यहां से उड़ानें शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है. शुरुआत में घरेलू उड़ानों की योजना बनाई गई है. जानकारी के मुताबिक पहले चरण में करीब 17 शहरों के लिए विमान सेवा शुरू करने पर काम चल रहा है. इसको लेकर हाल ही में एयरपोर्ट से जुड़ी एजेंसियों की अहम बैठक भी हुई. यह बैठक Yamuna International Airport Private Limited की साइट पर आयोजित की गई. बैठक में उड़ान सेवा शुरू करने से पहले की सभी तैयारियों और जरूरी प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
बैठक में यह तय किया गया कि मई महीने के अंत तक घरेलू और कार्गो उड़ानें शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. एयरलाइंस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की गई. शुरुआती दौर में तीन एयरलाइंस कंपनियों ने यहां से उड़ानें शुरू करने में दिलचस्पी दिखाई है. इन कंपनियों ने प्रस्ताव रखा है कि शुरुआत में 17 उड़ानें अलग-अलग शहरों के लिए चलाई जा सकती हैं. हालांकि अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि ये उड़ानें किन-किन शहरों के लिए होंगी. अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही पूरा रूट प्लान तैयार कर लिया जाएगा.
इसके साथ ही टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को भी अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पूरी योजना जल्दी तैयार की जाए ताकि यात्रियों को जल्द बुकिंग की सुविधा मिल सके. उड़ान सेवा शुरू करने के लिए सुरक्षा से जुड़ी मंजूरी भी जरूरी है. इसके लिए Bureau of Civil Aviation Security यानी बीसीएएस से अंतिम अनुमति मिलना बाकी है. इसी को लेकर अधिकारियों के बीच चर्चा हुई और जरूरी कागजी प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया.
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था और एयरपोर्ट के प्रशासन से जुड़े कुछ मुद्दों पर भी चर्चा हुई. खासतौर पर एयरपोर्ट के विदेशी सीईओ से जुड़े मामले और गृह मंत्रालय की आपत्तियों को लेकर बातचीत हुई. अधिकारियों का कहना है कि इन सभी मुद्दों को सुलझाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है. एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम को मंजूरी मिलते ही उड़ानों की शुरुआत का रास्ता साफ हो जाएगा. अधिकारियों को उम्मीद है कि इसी महीने सभी आपत्तियों को दूर कर लिया जाएगा. इसके बाद उड़ान सेवा शुरू करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा.
एयरपोर्ट के ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए भी बड़े निवेश की योजना बनाई गई है. बोर्ड बैठक में फैसला लिया गया कि अगले दो साल में विमानों को खड़ा करने के लिए 25 नए स्टैंड बनाए जाएंगे. इस परियोजना पर लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. फिलहाल एयरपोर्ट पर कुल 28 स्टैंड तैयार हैं. इनमें तीन कार्गो विमानों और 25 यात्री विमानों के लिए हैं. इसके अलावा यहां 10 एयरोब्रिज भी लगाए गए हैं ताकि यात्री आसानी से विमान में चढ़ सकें. रनवे को इस तरह बनाया गया है कि हर घंटे करीब 30 विमानों का टेकऑफ और लैंडिंग हो सके. यह सुविधा भविष्य में बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.
इस तरह Noida International Airport के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. साथ ही क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ सकते हैं.
