iran usa peace talks islamabad fail: ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की पाकिस्तान की कोशिश को उस समय बड़ा झटका लगा जब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची अमेरिकी प्रतिनिधियों के पहुंचने से पहले ही इस्लामाबाद से रवाना हो गए। डोनाल्ड ट्रंप ने किसी भी समझौते के लिए ईरान के सामने समृद्ध यूरेनियम छोड़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की शर्तें रखी हैं.

iran usa peace talks islamabad fail: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव को कम करने की कोशिशों के बीच पाकिस्तान में होने वाली अहम बातचीत बेनतीजा खत्म हो गई. ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान की राजधानी Islamabad पहुंचे थे. उम्मीद थी कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ बनकर बातचीत को आगे बढ़ाएगा. लेकिन हालात उम्मीद के मुताबिक नहीं बने. अमेरिकी प्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचे और ईरानी टीम बिना किसी बातचीत के ही पाकिस्तान से वापस लौट गई. इससे इस कोशिश को बड़ा झटका लगा है और फिलहाल शांति वार्ता आगे बढ़ती नहीं दिख रही.
दरअसल ईरान सीधे तौर पर अमेरिका से बातचीत करने के लिए तैयार नहीं है. इसलिए पाकिस्तान दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने की भूमिका निभा रहा था. जानकारी के मुताबिक अमेरिका की तरफ से भी विशेष दूत इस्लामाबाद आने वाले थे. लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही ईरान का प्रतिनिधिमंडल वहां से रवाना हो गया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह जानकारी अमेरिकी अखबार New York Post और इजरायली मीडिया के हवाले से सामने आई है. इस वजह से फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि अमेरिकी टीम अब पाकिस्तान पहुंचेगी या नहीं.
इस दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से मुलाकात की. इस बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ishaq Dar और सेना प्रमुख Asim Munir भी मौजूद रहे. दोनों देशों के नेताओं के बीच क्षेत्र में बने हालात और आपसी संबंधों पर चर्चा हुई. बैठक के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान से आगे की यात्रा पर निकल गया. बताया गया है कि अराघची आगे Muscat और Moscow भी जाएंगे. इससे साफ है कि ईरान कई देशों से संपर्क कर हालात का समाधान खोजने की कोशिश कर रहा है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने स्पष्ट कहा है कि फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बैठक नहीं होगी. उनका कहना है कि ईरान अपनी बात पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाएगा. उन्होंने मौजूदा हालात को अमेरिका की ओर से थोपा गया संघर्ष बताया. साथ ही यह भी कहा कि पाकिस्तान इस पूरे मामले में शांति बहाल करने के लिए प्रयास कर रहा है. इसलिए पाकिस्तान की भूमिका दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने में अहम मानी जा रही है.
उधर अमेरिका की ओर से भी कुछ बड़े नेताओं के पाकिस्तान आने की चर्चा है. जानकारी के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के करीबी दूत Steve Witkoff और Jared Kushner इस्लामाबाद आने वाले हैं. वहीं White House की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि बातचीत आगे बढ़ाने में पाकिस्तान मदद करेगा. अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance इस पूरे प्रयास पर नजर रखेंगे. इसी बीच ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान किसी समझौते का प्रस्ताव तैयार कर रहा है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि किसी भी समझौते के लिए दो शर्तें जरूरी होंगी. पहली, ईरान को समृद्ध यूरेनियम छोड़ना होगा. दूसरी, Strait of Hormuz से गुजरने वाले तेल जहाजों की आवाजाही बिना रुकावट जारी रहनी चाहिए.
