trump blames iran: हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलिकॉप्टर समुद्र में क्रैश हो गया, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरान का हमला बताते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

trump blames iran: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी सेना का एक आधुनिक अपाचे हेलिकॉप्टर समुद्र में गिर गया. इस घटना के तुरंत बाद राजनीति गरमा गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दावा किया है कि इस हेलिकॉप्टर को ईरानी सेना ने मार गिराया है. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका इस कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देगा. हालांकि अमेरिकी सेना की तरफ से अभी तक हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. सेना का कहना है कि हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हुआ है और इसकी जांच चल रही है.
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक यह घटना ओमान के तट के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्री इलाके में हुई. मंगलवार तड़के करीब 3 बजे यह हेलिकॉप्टर वहां नियमित गश्त पर था. तभी अचानक यह समुद्र में जा गिरा. राहत की बात यह रही कि हेलिकॉप्टर में मौजूद दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं. अमेरिकी सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए करीब दो घंटे के भीतर ही दोनों जांबाज पायलटों को समुद्र से सुरक्षित बाहर निकाल लिया. डॉक्टरों के अनुसार दोनों पायलटों की स्थिति अब बिल्कुल स्थिर है और उन्हें गंभीर चोटें नहीं आई हैं.
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में अमेरिकी नौसेना ने पहली बार एक अनोखा प्रयोग किया. पायलटों की जान बचाने के लिए समुद्र में तैरने वाले एक मानवरहित छोटे जहाज (ड्रोन वेसल) का इस्तेमाल किया गया. इस समुद्री रोबोटिक बोट का नाम ‘कॉर्सेयर’ है. लगभग 24 फीट लंबी इस बोट ने समुद्र की लहरों के बीच फंसे दोनों पायलटों को ढूंढ निकाला. इसके बाद इन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. वहां से अमेरिकी वायुसेना के दूसरे हेलिकॉप्टर ने दोनों को एयरलिफ्ट किया. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह तकनीक बहुत दूर तक भारी सामान ले जाने में सक्षम है.
अमेरिकी सेना का कहना है कि यह हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या इस पर कोई हमला हुआ था, इसकी बारीक जांच की जा रही है. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है. ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भले ही हमारे पायलट सुरक्षित हैं, लेकिन अमेरिकी संपत्ति पर ऐसा हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि AH 64 अपाचे दुनिया का सबसे खतरनाक हमलावर हेलिकॉप्टर माना जाता है. अमेरिका अक्सर इसका इस्तेमाल ईरानी सेना की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए करता है.
ईरान और अमेरिका के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है. अमेरिकी संसद की एक रिपोर्ट के अनुसार फरवरी के बाद से इस इलाके में अमेरिकी सेना को काफी नुकसान झेलना पड़ा है. अमेरिका अब तक अपने पांच लड़ाकू विमान, सात ईंधन भरने वाले टैंकर विमान और दो दर्जन से ज्यादा खोजी ड्रोन गंवा चुका है. अब इस नए अपाचे हेलिकॉप्टर के गिरने से खाड़ी देशों में युद्ध का खतरा और ज्यादा गहरा गया है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें अमेरिकी सेना की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं.
