दिल्ली में TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से मुलाकात की है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिस कांग्रेस से बगावत करके ममता ने अपनी पार्टी अलग बनाई थी, वह कांग्रेस उनकी मदद क्यों करेगी?

दिल्ली में ममता-सोनिया की मुलाकात
दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक के बाद बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी. जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस विलय करने वाली है. हालांकि इस दावों को लेकर कांग्रेस ने गलत करार दिया है. लोग कयास लगा रहे थे कि दोनों पार्टियां साथ विलय कर सकती हैं.
कांग्रेस से बगावत करके बनाई थी पार्टी
आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने एक समय पर कांग्रेस से बगावत करके अपनी अलग पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) बनाई थी. जिसके बाद साल 2011 में दोनों पार्टियों ने साथ मिलकर बंगाल से वाम मोर्चा की सरकार को उखाड़ फेंका था. जिसके बाद दोनों पार्टियों के बीच रिश्ते खराब होते चले गए. अब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के हारने के बाद पार्टी में बगावत काफी बढ़ गई है.
कई सांसद-विधायक हुए बागी
TMC के कई सांसदों और विधायकों ने बागी तेवर अपनाते हुए BJP-NDA की तरफ रुख करने के इशारे दिए हैं. जिसके बाद अब बंगाल में TMC का अस्तित्व खतरे में आ गया है. अब कांग्रेस नेताओं से मुलाकात को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी अपनी पार्टी और अपने अस्तित्व को बचाने के लिए कांग्रेस में विलय करने वाली हैं. हालांकि इन दावों को कांग्रेस ने पूरी तरह से खारिज किया है. कांग्रेस का कहना है कि हम किसी तरह का दबाव नहीं बना रहे हैं.
क्या बंगाल में बचेगा ममता का अस्तित्व?
ममता बनर्जी को एक समय पर ऐसा नेता माना जा रहा था जो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधी टक्कर दे सकती हैं, लेकिन अब बंगाल में हालातों को देखते हुए लोग उनके ऊपर लगातार निशाना साध रहे हैं. सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. अब यह जानना बाकी रह गया है कि बंगाल में अस्तित्व को बचाने के लिए क्या ममता बनर्जी कांग्रेस के साथ में विलय करेंगी और अगर करेंगी तो क्या कांग्रेस उनकी मदद करके उनके अस्तित्व को बचा पाएगी.
