pm surya ghar muft bijli yojana: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मार्च 2026 तक 26 लाख से अधिक घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, जिससे लोगों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल रही है. सरकार इस योजना पर ₹78,000 तक की सब्सिडी दे रही है और इसका लक्ष्य 2027 तक 1 करोड़ घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है.

pm surya ghar muft bijli yojana: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए देश में लाखों घरों को बिजली बिल से राहत मिल रही है. गर्मी बढ़ते ही एसी, कूलर और फ्रिज का इस्तेमाल भी बढ़ जाता है. ऐसे में बिजली का बिल लोगों के लिए बड़ी चिंता बन जाता है. लेकिन जिन लोगों ने इस योजना के तहत अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया है, उन्हें काफी फायदा मिल रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 तक देश में करीब 26 लाख से ज्यादा घर इस योजना से जुड़ चुके हैं. इन घरों में सोलर पैनल लगने से बिजली की जरूरत काफी हद तक पूरी हो रही है और लोगों का बिजली बिल लगभग खत्म हो गया है.
इस योजना की शुरुआत फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक देश के 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएं. योजना का मकसद लोगों को सस्ती और साफ ऊर्जा उपलब्ध कराना है. साथ ही बिजली के बढ़ते खर्च से राहत देना भी इसका बड़ा उद्देश्य है. योजना शुरू होने के बाद से लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 19 मार्च 2026 तक 26,19,879 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके थे.
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसके फायदे हैं. इसके तहत घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सकती है. इसके अलावा छत पर सोलर पैनल लगाने के खर्च पर सरकार सब्सिडी भी देती है. यह सब्सिडी अधिकतम 78 हजार रुपये तक हो सकती है. योजना के तहत अब तक लोगों को करीब 17,967 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी दी जा चुकी है. आवेदन से लेकर सब्सिडी मिलने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होती.
इस योजना का एक और बड़ा फायदा यह है कि सोलर पैनल एक बार लगने के बाद लंबे समय तक बिजली देते हैं. आमतौर पर इनकी उम्र करीब 25 साल मानी जाती है. यानी एक बार निवेश करने के बाद लंबे समय तक बिजली बिल की चिंता नहीं रहती. बिजली की खपत के आधार पर अलग-अलग क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाते हैं. यदि किसी घर की खपत 0 से 150 यूनिट तक है तो 1 से 2 किलोवाट के पैनल लगाए जा सकते हैं और इस पर 30 से 60 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलती है. वहीं 150 से 300 यूनिट तक खपत वाले घरों के लिए 2 से 3 किलोवाट या उससे ज्यादा के पैनल लगाए जाते हैं, जिन पर 60 से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है.
अगर राज्यों की बात करें तो कई जगह इस योजना को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. सबसे ज्यादा सोलर पैनल गुजरात में लगाए गए हैं, जहां करीब 5.93 लाख घर इस योजना से जुड़े हैं. इसके बाद महाराष्ट्र में लगभग 4.90 लाख, उत्तर प्रदेश में करीब 4.20 लाख और केरल में 2.09 लाख से ज्यादा घरों में सोलर पैनल लगाए गए हैं. इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बड़ी संख्या में लोग इस योजना का लाभ ले रहे हैं. आवेदन करना भी काफी आसान है. इसके लिए सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर कुछ जरूरी जानकारी भरनी होती है और प्रक्रिया पूरी करने के बाद घर की छत पर सोलर पैनल लगाए जा सकते हैं.
