UP Real Estate Update: उत्तर प्रदेश में फ्लैट और प्लॉट खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब खरीदारों को रियल एस्टेट परियोजनाओं की पूरी जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी. यूपी रेरा जल्द ही बिल्डर पोर्टल पर “रेरा एप” और “बिल्डर मैसेजिंग फीचर” शुरू करने जा रहा है.

इससे खरीदारों को प्रोजेक्ट की प्रगति, निर्माण स्थिति, भुगतान, पंजीकरण और अन्य जरूरी जानकारियां रियल टाइम में उपलब्ध होंगी. यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने बताया कि प्रदेश में रेरा के तहत पंजीकृत परियोजनाओं और एजेंटों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में पारदर्शिता बढ़ाने और खरीदारों को सीधे सूचना उपलब्ध कराने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है. इससे उपभोक्ताओं को किसी भी प्रोजेक्ट की अद्यतन स्थिति जानने के लिए बिल्डर या एजेंट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए डिजिटल स्कैनिंग व्यवस्था
रेरा पोर्टल 2.0 पर बिल्डरों को ‘बिल्डर मैसेजिंग फीचर’ दिया जाएगा. इसके जरिए बिल्डर अपने प्रोजेक्ट से जुड़े खरीदारों को सीधे संदेश भेज सकेंगे. इसमें निर्माण की प्रगति, कब्जा, भुगतान, सुविधाएं और अन्य अपडेट शामिल होंगे. इससे खरीदारों और बिल्डरों के बीच संवाद आसान होगा और सूचनाओं का आदान-प्रदान पारदर्शी तरीके से हो सकेगा. रेरा मुख्यालय में खरीदारों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए डिजिटल स्कैनिंग व्यवस्था भी लागू की जा रही है. इससे खरीदार अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे और शिकायतों का निस्तारण तेजी से हो सकेगा. इस सुविधा से जांच प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनेगी.
बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई
रेरा नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. यदि कोई बिल्डर रेरा पोर्टल पर आवश्यक जानकारी अपडेट नहीं करता या खरीदारों को गुमराह करता है तो उस पर 1000 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना परियोजना की लागत के 5 प्रतिशत तक हो सकता है। लगातार उल्लंघन की स्थिति में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी.
‘न्यूज़ार कोड’ स्कैन पर हर जानकारी
अब खरीदार किसी भी रेरा पंजीकृत परियोजना की जानकारी ‘न्यूज़ार कोड’ स्कैन कर प्राप्त कर सकेंगे. यह क्यूआर कोड परियोजना के विज्ञापन, वेबसाइट, ब्रोशर और अन्य प्रचार सामग्री पर अनिवार्य रूप से अंकित होगा. कोड स्कैन करते ही खरीदार को प्रोजेक्ट की रजिस्ट्रेशन स्थिति, स्वीकृति, समयसीमा, बिल्डर का विवरण, शिकायतें और अन्य सभी जानकारियां एक साथ मिल जाएंगी.
47.52 करोड़ रुपये का जुर्माना
यूपी रेरा ने अब तक 30 डिफॉल्टर बिल्डरों पर 47.52 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. इनमें से कई बिल्डरों ने खरीदारों को समय पर फ्लैट नहीं दिए और परियोजनाओं में देरी की। रेरा ने इन मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी है.यूपी रेरा के तहत अब तक 67 हजार से अधिक परियोजनाएं और एजेंट पंजीकृत हो चुके हैं. वर्ष 2025 में पंजीकरण और शिकायत निस्तारण दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे साफ है कि प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ रही है.
शिकायतों के निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार
रेरा के अनुसार वर्ष 2025 में शिकायतों के निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. अब अधिकतर मामलों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है. खरीदारों को राहत देने के लिए रेरा ने तकनीकी और डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता दी है.नई व्यवस्था लागू होने के बाद फ्लैट और प्लॉट खरीदने वाले उपभोक्ताओं को परियोजनाओं की सटीक और अद्यतन जानकारी घर बैठे मिल सकेगी. इससे न सिर्फ रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि खरीदारों का भरोसा भी मजबूत होगा.
