आज ऑटो रिक्शा संघ की तरफ से डिमांड लेकर उनके पदाधिकारी दिल्ली सरकार के पास गए थे. दरअसल, दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के पदाधिकारी आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, साथ ही परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह से मिलने के लिए उनके सचिवालय गए थे. उनकी मुलाकात लेकिन आज दोनों में से किसी ने नहीं हो पाई. हालांकि, दोनों के न होने पर भी उनकी डिमांड और समस्या को मुख्यमंत्री कार्यालय में सुना गया.
क्या था उनकी समस्या
ऑटो रिक्शा संघ के सदस्यों का कहना हैं कि टायर, CNG और ऑटो पार्टस से लेकर सभी चीजें मंहगी हो गई है, जिसके कारण किराया बढ़ाना उनकी मजबूरी हो गई है. सफर करने वाले लोगों को इससे परेशानी हो रही है. हालांकि, अगर सरकार नहीं चाहती कि हम किराए बढ़ाए तो उन्हें हमे 2 रुपये kg की सब्सिडी देनी होगी. ऐसा कर देने पर वह किराया नहीं बढ़ाएंगे.
साथ ही ऑटो रिक्शा संघ के लोगों ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांग नहीं सुनती है और किराया भी नहीं बढ़ाने देती है तो वह हड़ताल पर बैठ जाएंगे. यह हड़ताल तब तक चलेगी जब तक मांग पूरी न हो जाएं.
उनकी मांग है कि टैक्सी का न्यूनतम किराया 40 से बढ़ाकर 70 रुपये कर दिया जाए.
नॉन-एसी टैक्सियों के लिए 17 से बढ़कर 30 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया जाए.
एसी टैक्सियों के लिए किराया 25 से बढ़कर 40 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया जाए.
चुनाव से पहले कई झूठे वादे!
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार ने बहुत सारे वादे किए थे. जैसे ही लेकिन चुनाव जीत लिया गया. सरकार सभी वादे भूल गई. उन्हीं वादों को याद दिलाने के लिए सभी लोग सचिवालय गए. हालांकि, उनकी मुलाकात नहीं हो पाई. अगर सरकार उनकी मांग मनेगी तो लोगों पर दबाव नहीं पड़ेगा.
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