हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीयों से पेट्रोल और डीजल को कम करने की अपील की थी. इसी बीच एक और मामला सामने आया है. दरअसल, सीएम रेखा गुप्ता ने 14 मई के दिन प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ्तरों में दो दिन वर्क फ्रॉम की घोषणा की है. साथ ही उन्होंने इस फैसले को निजी दफ्तरों में भी लागू करवाने की कोशिश करने की बात की है.
इकोनॉमी की स्थिरता को बनाए रखने के लिए लिया फैसला
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद में इकोनॉमी की स्थिरता बनाये रखने के लिए यह फैसला लिया गया है. कोशिश की जा रही हैं कि यह फैसला सरकारी के साथ-साथ निजी दफ्तरों में भी लागू हो. जो काम ऑनलाइन हो सके उसके लिए वर्क फ्रॉम होम दो दिन तक रखने की बात की गई है. साथ ही लेबर विभाग मामले की निगरानी करेगा.
मंत्रियों के काफिले में निकलने वाली गाड़ियों में कमी
सीएम रेखा गुप्ता ने साथ ही यह भी कहा कि जिन अधिकारियों को व्हीकल अलाउंस दिया गया है. अगर वह उसके बावजूद पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करेंगे, तो उन्हें 10 फीसदी का इंक्रीमेंट दिया जाएगा. सरकारी अफसर और मंत्रियों के काफिले में निकलने वाली गाड़ियों में भी कमी की जाएगी. एक दिन नो व्हीकल डे के रूप में मनाया जाएगा. इसके अलावा अधिकारियों को मिलने वाले पेट्रोल में 20 फीसदी कटौती की जाएगी.
50 फीसदी से अधिक मीटिंग वर्चुअल
अगले तीन महीने तक कोई भी इवेंट नहीं किया जाएगा. बसों के रूट को निर्धारित कर दिया जाएगा ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग कर सकें. कोशिश की जाएगी कि 50 फीसदी से अधिक मीटिंग वर्चुअल ही हो. मीटिंग वर्चुअल करने की मांग कोर्ट से भी की जाएगी. उन्होंने अपील की है कि सोमवार के दिन लोग कोशिश करें की मेट्रो का इस्तेमाल करें.
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