गोंडा जिले में अपनी परिस्थिति से परेशान एक पिता राम अशोक मौर्या ने भारत सरकार, मुख्यमंत्री, विदेश मंत्रालय और जनप्रतिनिधियों से मदद की मांग की है. पिता ने यह गुहार अपने बेटे को वापस लाने के लिए लगाई है. अपनी आर्थिक हालत से तंग पिता ने दुंबई में फंसे अपने बेटे की वतन वापसी के लिए मदद मांगी है. पिता राम अशोक मौर्या करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम मेंहदी हाता के निवासी है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, राम अशोक मौर्या ने विदेश राज्यमंत्री को पत्र भेज अपनी दुविधा के बारे में बताया था. उनका बेटा अमित कुमार पिछले 4 साल से दुबई में काम कर रहा था. इसी बीच लेकिन वह किसी मामले में जेल चला गया था. उसे सजा के रुप में 6 महीने की जेल और जुर्माना लगाया था. अमित ने जेल तो पूरी कर ली लेकिन जुर्माना नहीं भरा था. जेल में रहने के बाद वह कई दिन तक वह रहा. हालांकि, जब उसने भारत आने की कोशिश की तो अधिकारियों ने उसे वापस भेज दिया. उससे कहा गया कि पहले वह जुर्माना भरे. उसके बाद में दुंबई से बाहर जाए. बिना जुर्माना भरे बाहर नहीं जा सकता है. वह दुबई नहीं छोड़ सकता. उस पर करीब 25 लाख का जुर्माना है.
वृद्ध पिता ने की मांग
पिता ने कहा कि उनका बेटा दुबई में परेशानियों से घिरा हुआ है. उनका पूरा परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है. खेत और घर बेचने के बाद भी उनके लिए 25 लाख रुपये का जुर्माना भर पाना मुश्किल है. पूरा परिवार चिंता से घिरा हुआ है. पिछले महीने उनकी पत्नी का निधन भी हो गया. ऐसे में उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार, विदेश मंत्रालय और भारत सरकार से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप कर बेटे को वापस लाने की मांग की है. उन्होंने सरकार से डिमांड की हैं कि या तो उनके बेटे का जुर्माना माफ करा दिया जाए या तो वापस से अपने वतन भारत में भिजवाया जाएं. उन्होंने सभी से सहयोग की मांग की है. उनका पूरा परिवार बेटे की चिंता से घिरा हुआ है.
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