केदारनाथ यात्रा मार्ग में रात के समय में अचानक भूस्खलन हो गया है, जिससे हजारों की संख्या में श्रद्धालु वहां फंस गए. यह भूस्खलन रुद्रप्रयाग जिले के सोनप्रयाग–गौरीकुंड के बीच में पड़ने वाले मुनकटिया क्षेत्र में हुआ है. रात के समय में अंधेरा होने की वजह से यात्रियों के बचाव कार्य में काफी बाधा देखने को मिली थी. बता दें कि वहां पर कई दिनों से बारिश हो रही है. साथ ही पहाड़ों से मलबा भी बार-बार गिर रहा है, जिसकी वजह से वहां की हालत काफी गंभीर है. इस स्थिति को और खराब यात्रियों की भीड़ कर रही है.
टीमों के बीच के तालमेल
मामले की सूचना मिलते ही SDRF की सोनप्रयाग टीम के उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के निर्देश पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. SDRF और NDRF की संयुक्त टीमों ने मिलकर राहत और बचाव का काम किया. हालांकि, पहले से ही इस बार किसी भी तरीके की दुर्घटना से निपटने की तैयारियां की गई थी. इसी वजह से रेसक्यू ऑपरेशन पूरी तरीके से सफल हो पाया है. टीमों के बीच के तालमेल की वजह से यह रेस्कयू ऑपरेशन इतने बड़े स्तर पर संभव हो पाया है.
स्थिति पहले की ही तरह सामान्य
टीम ने धैर्य और साहस से काम लेते हुए सड़क के बीच में फंसे 10,450 श्रद्धालुओं को रेस्कयू किया. हालांकि, बारिश की वजह से इस काम को करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो रखा था. किसी भी तरीके का अफरा-तफरी न हो, इसी कारण से टीमों ने यात्रियों के मनोबल को भी बनाए रखा. सभी को सुरक्षित निकालने के बाद में प्रशासन ने तुरंत वहां से मलबे को साफ कर लिया, जिससे की स्थिति पहले की तरह सामान्य हो गई है.
