चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में CBI ने बड़ा खुलासा किया है. CBI के मुताबिक हत्याकांड में इस्तेमाल की गई कार को 50 हजार रुपए में खरीदा गया था. अब इस मामले में जांच एजेंसी उत्तर प्रदेश के बलिया तक पहुंच गई है.

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में CBI लगातार जांच कर रही है. अब इस मामले में जांच एजेंसी उत्तर प्रदेश के बलिया तक पहुंच गई है. इस मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि हत्याकांड में जिस कार को इस्तेमाल किया गया था, उस कार को बलिया के बांसडीह रोड क्षेत्र से 50 हजार रुपए में खरीदा गया था.
50 हजार में खरीदी गई थी कार
इस मामले में CBI ने बलिया में बालू-गिट्टी व्यापारी समेत कई लोगों से पूछताछ की है. वहीं इस मामले में बलिया से तीसरी गिरफ्तारी भी हो चुकी है. CBI ने बताया कि हत्याकांड में शामिल कार को शीतल दवनी के रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने 1 मई 2026 को बांसडीह रोड के खुलवरिया गांव के रहने वाले बालू व्यापारी जितेंद्र सिंह से 50 हजार रुपए में खरीदी थी. आपको बता दें कि ज्ञानेंद्र सिंह पर उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गैंगस्टर एक्ट और फायरिंग समेत 12 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं.
35 हजार में खरीदकर 50 हजार में बेची कार
जितेंद्र सिंह ने मामले में CBI को बताया कि छठ पूजा के दौरान गांव के दीपक सिंह नाम के व्यक्ति ने उन्हें हुसैनाबाद गांव के रहने वाले एक व्यक्ति की कार बिक्री की जानकारी दी थी. जिसके बाद कार को 35 हजार रुपए में खरीदा गया. जिसके 5 महीने बाद दीपक सिंह ने इस कार को 50 हजार रुपए में बेचने की बात कही थी. इस बात से लालच में आकर जितेंद्र सिंह ने ज्ञानेंद्र सिंह को कार बेच दी.
बलिया से तीसरी गिरफ्तारी
आपको बता दें कि कार इस समय भी उसके असली मालिक हुसैनाबाद के व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है. CBI ने इस कार के असली मालिक, जितेंद्र सिंह और उनके बेटे से पूछताछ की है. इस मामले में CBI ने बलिया के फेफना थाना क्षेत्र के धमह्मपुरा गांव के रहने वाले नवीन सिंह को गिरफ्तार किया है. बलिया से पहले राज सिंह और राजकुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया जा चुका है.
