Anjel Chakma murder: देहरादून में अंजेल चकमा की हत्या ने पूरे देश में सुरक्षा के सवाल को बढ़ा दिया है, इस घटना के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार, 29 दिसंबर को अंजेल के परिवार से फोन पर बात की और संवेदना व्यक्त की, साथ ही उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है.

Anjel Chakma murder: देहरादून में 9 दिसंबर को एमबीए छात्र अंजेल चकमा पर हमला हुआ, जिसमें बदमाशों ने चाकू और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया है. गंभीर रूप से घायल अंजेल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 26 दिसंबर को उनकी मौत हो गई. इस घटना ने पूरे राज्य और देश में सनसनी मचा दी है. पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग हैं और उन्हें किशोर सुधार गृह भेज दिया गया है. इसके अलावा एक फरार आरोपी की तलाश में पुलिस नेपाल तक गई और उस पर 25,000 रुपए का इनाम घोषित किया गया है.
अंजेल चकमा के पिता तरुण प्रसाद ने कहा कि शुरुआती दौर में जब वे एफआईआर दर्ज कराने गए, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की है. उन्होंने बताया कि उन्हें कहा गया कि यह मामूली मामला है, लेकिन परिवार ने अपने अधिकारों के लिए विरोध के बावजूद एफआईआर दर्ज करवाई. तरुण प्रसाद ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि उन्हें भी भारतीय होने का सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए. उनका दर्द और गुस्सा साफ नजर आता है क्योंकि उनका परिवार इस घटना से बहुत प्रभावित हुआ है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की संवेदना व्यक्त

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार, 29 दिसंबर को अंजेल के परिवार से फोन पर बात की और संवेदना व्यक्त की, उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया. सीएम ने कहा कि यह एक दुखद घटना है और राज्य सरकार सुनिश्चित करेगी कि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले. उन्होंने परिवार को समर्थन देने और हर संभव मदद करने की भी बात कही है.
जनता को अवाज उठाना चाहिए- राहुल गांधी
इस घटना पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आई है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसे भयावह और घृणा अपराध करार दिया है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वह आंखें मूंदे नहीं रहे और दोषियों को सजा दिलाने में मदद करे. राहुल गांधी ने कहा कि नफरत और भेदभाव रोजाना युवाओं के बीच परोसी जा रही है और इस तरह की घटनाएं उसका परिणाम हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी के नेतृत्व द्वारा नफरत फैलाने वाले संदेशों को सामान्य बनाया जा रहा है.
इस घटना ने पूरे देश में सुरक्षा और न्याय की मांग को फिर से उभार दिया है. अंजेल चकमा के परिवार ने न्याय की उम्मीद जताई है और राज्य सरकार ने कार्रवाई का भरोसा दिया है. पुलिस की जांच जारी है और फरार आरोपी को पकड़ने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं. यह मामला न केवल अंजेल के परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि कानून के आगे किसी को बचने नहीं दिया जाएगा.
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