बिहार में अभी के समय में टेंडर माफिया रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद पूरा मामला राजनीति तूल पकड़ रहा है. बता दें कि SVU यानी की विशेष निगरानी इकाई ने 28 मई को बिहार के टेंडर माफिया को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. रिशु पर कई गंभीर आरोप हैं.
कई की पोस्टिंग तो कई की मदद
हालांकि, रिशु की गिराफ्तारी के बाद में कई बड़े IAS अधिकारियों के नाम भी सामने आए है. वहीं, कई अधिकारियों की पोस्टिंग प्रभावित होने की खबर भी सामने आई है. बता दें कि टेंडर माफिया पर कई टेंडर में हेराफारी, अवैध संपंति अर्जित करने और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले खुले है.
अधिकारियों के नाम क्यों छिपाए?
राजनीतिक सियासत भी अब गरमाते हुए दिखाई दे रही है. दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने इस मामले के बाद में अभी की सरकार पर हल्ला बोला है. मुख्य प्रवक्ता ने बिहार सरकार को घेरते हुए बोला कि एक टेंडर माफिया टेंडर दिलवाता है, अधिकारियों की पोस्टिंग को प्रभावित करता है, उसके बाद कमीशन भी बांटता है. वहीं, जिस भी अधिकारियों के नाम इस मामले में सामने आए है उनके खिलाफ में सरकार कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है.
आम आदमी का प्रभाव कैसे?
साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मांग की हैं कि वह सभी अधिकारियों के नाम बाहर लाए और घोटाले करने वाले लोगों के खिलाफ में कार्रवाई करें. हालांकि, उन्होंने एक और बात को सरकार के सामने उजागर करते हुए कहा कि दरोगा या आम MLA भी ट्रांसफर नहीं करवा सकता है तो एक आम व्यक्ति कैसे इतना प्रभाव डाल सकता है.
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