प्रयागराज: उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी पंचायत चुनाव में देरी की वजह से ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया है. अब यह फैसला हाईकोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया है. सरकार के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल गई है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी. कौशांबी निवासी आशीष कुमार ने ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जाने के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी है. याचिका में यूपी में पंचायत चुनाव में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए गए हैं. इस याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट के जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की सिंगल बेंच में सुनवाई होगी. इस याचिका में योगी सरकार के 25 मई के फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें छह महीने के लिए ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाते हुए उन्हें प्रशासक नियुक्त किया है.
प्रशासक नियुक्त करना उचित
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रशासक बनाए जाने को भी याचिका में चुनौती दी गई है. याचिका में कहा गया है कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त करना उचित नहीं है. इसके साथ ही पंचायत चुनाव कराने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए गए हैं. याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. इस मामले में राज्य सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग को पक्षकार बनाया गया है.
यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की कोर्ट नंबर 38 में 109 नम्बर में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. पंचायत चुनाव की प्रक्रिया और प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर होने वाली यह सुनवाई काफी अहम मानी जा रही है. गौरतलब है कि इससे पहले हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने भी ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई हुई.
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