विधानसभा चुनावों को देखते हुए अब बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में संगठनात्मक समीक्षा बैठक की है. इस दौरान मायावती ने ओबीसी समाज के बीच पार्टी का जनाधार बढ़ाने पर जोर दिया है.

मायावती की बड़ी बैठक
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, जिसको लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. अब बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने भी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी तेज कर दी है. मायावती ने लखनऊ में संगठनात्मक समीक्षा बैठक की है. जानकारी के मुताबिक इस बैठक के दौरान ओबीसी समाज के बीच पार्टी का जनाधार बढ़ाने पर जोर दिया गया है.
नेताओं को दिए निर्देश
बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान मायावती ने पार्टी ने नेताओं को निर्देश दिया है कि जमीनी स्तर पर कैंपेन को तेज कर दिया जाए और BSP की नीतियों, कार्यक्रमों और उपलब्धियों को ओबीसी समाज तक पूरे प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए. इस दौरान मायावती ने भरोसा जताया है कि साल 2007 की तरह ओबीसी समाज का समर्थन फिर से BSP को मिलेगा.
ओबीसी का मिलेगी समर्थन- मायावती
आपको बता दें कि इस दौरान मायावती ने दावा किया है कि तमाम विरोधी दलों की सरकार बनने के बाद अब जनता के सामने सच्चाई आ गई है. उन्होंने कहा कि दलित समाज की तरह ओबीसी समाज के विकास में भी पार्टी का ऐतिहासिक योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी BSP की भूमिका सबसे बेहतर और प्रभावी रही है.
22 जून को विशाल रैली
उत्तर प्रदेश में बीएसपी एक बार फिर से चुनावी रणनीति को धार देती हुई नजर आ रही है. अब बीएसपी 22 जून को फैजाबाद में एक बड़ी रैली का आयोजन करने वाली है. इस दौरान बीएसपी के कई बड़े नेता और पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं. अब बहुजन समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से चुनावी रणनीति को धार देती हुई नजर आ रही है.
अखिलेश कर रहे दलित पर फोकस
चुनाव को लेकर एक तरफ समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव दलित समाज के ऊपर फोकस कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर अब मायावती ने ओबीसी समाज को साधना शुरू कर दिया है. मायावती को यह भरोसा दिख रहा है कि दलित समाज अब भी खुली तरह से उनके साथ है और उनकी पार्टी को सपोर्ट करने वाला है. जिसके चलते अब उन्होंने अखिलेश के वोट बैंक में सेंध लगाना शुरू कर दिया है.
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