21 जून दिन रविवार को री-नीट एग्जाम कराया गया. इससे पहले एग्जाम के लीक होने की वजह से उसे रद्द कर दिया था. इसी वजह से री-नीट एग्जाम के लिए तैयारियां और सुरक्षा काफी कड़ी रही. करीब 20 लाख बच्चे परीक्षा में शामिल हुए थे. हालांकि, तमाम कोशिशों के बाद भी री-नीट एग्जाम में गड़बड़ी नहीं रुक पाई.
दरअसल, गड़बड़ी का मामला बिहार के बेगुसराय का है. यहां नीट एग्जाम में चीटिंग करते हुए एक गैंग का पर्दाफाश हुआ है. यह एक प्रकार का सॉल्वर गिरोह है, जिसमें 9 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
कैसे काम करता है यह फर्जी गैंग
दरअसल, यह असली छात्र के बदले उनकी सीट पर फर्जी कैंडिडेट्स को बैठाते है. ये या तो पहले से ही डॉक्टर होते हैं या मेडिकल स्टूडेंट्स होते हैं. इनका काम दूसरे के बदले एग्जाम लिखने का है. हालांकि, बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन के दौरान में इस गैंग का भंडाफोड़ हुआ, जिसमें केआरके हाई स्कूल से 1, हसनपुर हाई स्कूल से 1 और केंद्रीय विद्यालय से 7 लोगों को पकड़ा गया है.
जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए स्कॉलर्स दूसरे राज्य के निवासी है. पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए बायोमीट्रिक वेरफाई करने वाले निजी एजेंसी के 7 कर्मी को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही उनसे पूछताछ भी की जा रही है. पकड़े गए स्कॉलर्स नामी कॉलेज के हैं. एसपी प्रेरणा कुमार और जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ और एसडीएम की टीम इस गैंग के अन्य सदस्यों को पकड़ने में लग गई है.
