पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ‘पश्चिमबंग दिवस’ पर नगर निगम के लिए फैसले की सरहाना की है. दरअसल, सालों से पश्चिम बंगाल की एक सड़क का नाम सुहरावर्दी एवेन्यू था, जिसे बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड़ रख दिया गया है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लोगों के संग इस जानकारी को साझा किया. वहीं, इस फैसले के बाद कांग्रेस सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी शायद हुसैन सुहरावर्दी और हसन शाहिद सुहरावर्दी के नाम के बीच में कंफ्यूज हुए है.
कांग्रेस सांसद ने कसा तंज
कांग्रेस सासंद और मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि ‘शुभेंदु दा, आपने यह क्या किया हैं. देवियों एवं सज्जनों शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री हैं. पूरी सरकार पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व और नेतृत्व करने का दावा करती है. हालांकि, वह हसन शाहिद सुहरावर्दी, जो कि एक विद्वान, कला समीक्षक और कलकत्ता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति थे. वहीं, हुसैन सुहरावर्दी, जो कि ‘बंगाल का कसाई’ नाम से जाना जाता है. दोनों के बीच के अंतर में भ्रमित हो गए. उन्होंने इस भ्रम में हसन शाहिद सुहरावर्दी के नाम पर जानी जाने वाली सड़क का नाम बदल दिया.’
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी-एतिहासिक गलती का सुधार
बता दें कि इस सूचना की जानकारी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुद दी है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि ‘पश्चिमबंग दिवस’ पर एक ऐतिहासिक गलती को सुधारा गया है. मासूम लोगों का नरसिंहार करने वाले सुहरावर्दी की बजाए अब सड़क को लोगों की जान बचाने वाले गोपाल मुखर्जी के नाम पर जाना जाएगा. नगर निगम के इस ऐतिहासिक फैसले की मैं सरहाना करता हूं. दशकों तक सड़क का नाम ऐसे व्यक्ति के नाम पर था जो कि राज्य की सत्ता का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे कि लिए करता और लोगों का नरसंहार करता, लेकिन अब नाम बदलकर श्री गोपाल मुखर्जी रखा गया है. वह एक निडर व्यक्ति थे, जिन्होंने हजारों मासूम लोगों की जान बचाई थी. एक सच्चे रक्षक को सम्मान देकर आखिरकार ऐतिहासिक न्याय हुआ है. अब समय आ चुका हैं कि पश्चिम बंगाल नायकों को याद रखे और अपनी गलतियों में सुधार करें.’
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