लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला में भारतीय समय के मुताबिक गुरुवार तड़के सुबह भारी भूंकप आया है. तेज तीव्रता वाले 2 भूंकपों के कारण पूरी तरीके से तबाही मच गई है. दुखद बात यह है कि इस तबाही की वजह से 10 हजार से लेकर 1 लाख लोगों की मारने की आशंका जताई जा रही है. राजधानी कराकास सहित कई जिलों की इमारतें पूरी तरीके से ढह चुकी है.
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, 100 साल बाद इतना शक्तिशाली भूंकप वेनेजुएला में आया है. भूकंप की तीव्रता भी काफी ज्यादा रही. पहले भूकंप की तीव्रता 7.1 से 7.2 मांपी गई है. कराकास से 160 किलोमीटर और पश्चिम में मोरोन और सैन फेलिपे क्षेत्र में इसका केंद्र रहा है. दो भूंकप के झटके आए थे, जिसमें सबसे पहला 3 बजकर 35 मिनट पर (भारतीय समय के मुताबिक) था. दूसरे भूकंप की तीव्रता 7.5 दर्ज की गई है. इस भूकंप का केंद्र मोंटाल्बान क्षेत्र के पास में था.
इस भूकंप के बाद में अमेरिका ने चेतावनी भी जारी की थी. हालांकि, एक घंटे तक स्थिति का जायजा लेने के बाद में यह चेतावनी वापस ले ली गई थी. भारी जानमाल का नुकसान इस भूकंप की वजह से हुआ है. बचाव दल तुरंत बचाव कार्य में लग चुकी है. कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. वहीं, कई लोगों का मृत शरीर निकाला गया है. हालांकि, कई लोगों को समय रहते निकाल लिया गया, जिससे वह जिंदा है. देश में आपातकाल घोषित किया गया है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहायता मांगने की बात भी सामने आ रही है. हवाई अड्डे, स्कूलों को बंद कर दिया गया है. तेल उत्पादन में भारी नुकसान हुआ है.
पहली बार नहीं इससे पहले भी आया देश में ऐसा भूकंप
दरअसल, वेनेजुएला दक्षिण अमेरिकी प्लेट और कैरिबियन प्लेट के मिलने वाले क्षेत्र में आता है. इसी कारण से यहां पर कई बार ऐसे भूकंप देखने को मिलते हैं. 1812 में भी 30 हजार लोग भूकंप की वजह से मारे गए थे.1967 में 300 लोग और 2018 में 7.3 तीव्रता का भूकंप आया था. हालांकि, 2028 में केंद्र समुद्र में था. इसी वजह से स्थिति कंट्रोल कर ली गई थी.
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