आज 25 जून को संविधान हत्या दिवस है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट किया है. बता दें कि इस दिन को बनाने के पीछे कई लोगों को कारण नहीं पाता है. हालांकि, आज हम आपको इसके बारे में भी बताएंगे.
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि ‘संविधान हत्या दिवस’, हमें उस काले दौर की याद दिलाता है, जिस समय भारत के लोकतंत्र को काफी बेरहमी से कुचल दिया गया था. यह दिन हमें लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है. आपातकाल का विरोध करने वाले वाले सभी महानुभावों को मेरा सादर नमन. आजादी से ही सभी को खुशी मिलती है. आजादी से ही सभी को परम पद की प्राप्ति होती है. आजादी से ही पूर्णता मिलती है. आजादी से ही सर्वोच्च अवस्था प्राप्त होती है.’
क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस
संविधान दिवस को बनाने की वजह 25 जून 1975 के दिन मिली. दरअसल, इस दिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूरे देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी. आंतरिक अशांति बोलकर नागरिकों के अधिकारों का दमन किया था. प्रेस की स्वतंत्रता को छिन लिया गया था. लोगों को मौलिक अधिकार छिनने और प्रेस पर रोक लगाने पर उसकी आवाज बन कर उभरे नेता, लोगों और पत्रकारों को जेल में भेज दिया गया था. यह दिन लोकतंत्र की हत्या माना जाता है. इसी कारण से उन लोकतंत्र सेनानियों को श्रदांजलि अर्पित करने के लिए यह दिन मनाया जाता है.
ये भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी ने वेनेजुएला में भूकंप से मची तबाही पर जताया दुख, कहा- हर संभव सहायता के लिए तैयार
