UP BJP New Team: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है. पार्टी नेतृत्व ने नई प्रदेश टीम की घोषणा करते हुए 46 पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी हैं. नई टीम में कई नए चेहरों को मौका दिया गया है, जबकि संगठन के अनुभवी नेताओं पर भी दोबारा भरोसा जताया गया है. BJP का मानना है कि नए और अनुभवी नेतृत्व के संतुलन से संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिलेगी.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर किया गया है. नई टीम को संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक पहुंच मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है. भाजपा नेतृत्व का लक्ष्य प्रदेश में संगठन को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति और मजबूत हो सके. नई टीम की घोषणा को चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
राजनाथ सिंह के बेटे बने प्रदेश उपाध्यक्ष
नई List में सबसे अधिक चर्चा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने की है. इससे पहले यह जिम्मेदारी उनके बड़े भाई और नोएडा विधायक पंकज सिंह संभाल रहे थे. संगठन में यह बदलाव पार्टी की भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है.
पूजा पाल को मिली नई जिम्मेदारी
पूर्व में समाजवादी पार्टी से जुड़ी रहीं पूजा पाल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं बाराबंकी की नेता प्रियंका रावत को पदोन्नति देते हुए उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इससे पार्टी ने महिला नेतृत्व और दलित वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की है.
यूपी बीजेपी की टीम में 8 महामंत्री, 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष और 19 उपाध्यक्षों की नियुक्ति की गई है. महामंत्रियों की लिस्ट में गीता शाक्य,राम प्रता सिंह चौहान, अभिजात मिश्रा, संजय सिंह, शंकर लोधी,उपेंद्र रावत, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी शामिल हैं.
संगठन में 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष
वहीं, यूपी बीजेपी संगठन में 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाए गए हैं. इनमें ब्रज से पूरन सिंह लोधी,कानपुर से रामकिशोर साहू, पश्चिम से नवाब सिंह नागर, अवध से अवधेश द्विवेदी, गोरखपुर से विनोद राय ,काशी से अशोक चौरसिया को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है.
सामाजिक संतुलन पर जोर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी की नई प्रदेश टीम में जातीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखा गया है. पार्टी ने विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए अपनी संगठनात्मक तैयारियों को नई दिशा देने का प्रयास किया है.
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