वृंदावन: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति को लेकर आगामी 9 अगस्त 2026 को होने वाली ”कार सेवा” को संतों और धार्मिक संगठनों का भारी समर्थन मिलना शुरू हो गया है. श्री चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी सच्चिदानंद चित्रगुप्त द्वारा इस कार सेवा की घोषणा किए जाने के बाद से ही सनातन समाज में इसे लेकर हलचल तेज है. इसी कड़ी में आज जगत्गुरु सनातन सम्राट स्वामी चक्रपाणि जी महाराज (पंचदशनाम जूना अखाड़ा से जुड़े संत तथा अखिल भारत हिन्दू महासभा एवं संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष) ने इस अभियान को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है.
देशभर से जुटेंगे श्रद्धालु
9 अगस्त को प्रस्तावित इस कार सेवा को लेकर विभिन्न अखाड़ों, धार्मिक संगठनों और संत-महात्माओं की ओर से लगातार समर्थन के बयान सामने आ रहे हैं. इस बढ़ते समर्थन को देखते हुए आयोजकों ने अपनी तैयारियां और तेज कर दी हैं.
संतों और भक्तों में भारी उत्साह
इस कार सेवा को लेकर संतों और भक्तों में भारी उत्साह है. आगामी 9 अगस्त को देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं के मथुरा-वृंदावन पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए व्यापक स्तर पर रूपरेखा तैयार की जा रही है.फिलहाल, इस बड़े आयोजन को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में कई अन्य बड़े संतों के भी इस अभियान से जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है.
सनातन समाज एकजुट हो-स्वामी चक्रपाणि
समर्थन की घोषणा करते हुए स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने कहा कि वे इस ऐतिहासिक अभियान के साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने देशभर के सनातनियों और श्रद्धालुओं से इस मुद्दे पर एकजुट होने का पुरजोर आह्वान किया है.
राम मंदिर सहयोग का उल्लेख, अब कृष्ण जन्मभूमि की बारी
संत ने अपने बयान में राम मंदिर आंदोलन के दिनों को याद करते हुए कहा कि राम मंदिर के संघर्ष में सभी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों ने कंधे से कंधा मिलाकर बहुत बड़ा योगदान दिया था.उन्होंने कहा, “राम मंदिर में आपने बहुत सहयोग किया था, हमेशा मेरे साथ रहे. अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि की बारी है और मुझे पूरा विश्वास है कि कृष्ण जन्मभूमि के मामले में भी हमें विजय श्री प्राप्त होगी.
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