Dhami Vaishnaw Meeting: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर मुंबई-देहरादून वंदे भारत ट्रेन शुरू करने, स्टेशनों के सौंदर्यीकरण और कई प्रमुख रेल परियोजनाओं में तेजी लाने की मांग की है.

Dhami Vaishnaw Meeting: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से एक बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात की है. इस बैठक में सीएम धामी ने उत्तराखंड में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, नई ट्रेनें चलाने और रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, धार्मिक और पर्यटन के महत्व को देखते हुए रेल मंत्री के सामने कई अहम मांगें रखीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा, कैंची धाम और आगामी कुंभ-2027 के कारण हर साल करोड़ों श्रद्धालु आते हैं. इसलिए राज्य में आधुनिक और सुविधाजनक रेल नेटवर्क का होना बेहद जरूरी हो गया है.
मुंबई से उत्तराखंड के लिए वंदे भारत चलाने की मांग
मुख्यमंत्री धामी ने रेल मंत्री को बताया कि महाराष्ट्र, खासकर मुंबई में उत्तराखंड के लाखों प्रवासी भाई-बहन रहते हैं. वे लगातार अपने घर आते-जाते रहते हैं. इसके अलावा देश के कोने-कोने से श्रद्धालु बाबा नीम करौली धाम (कैंची धाम) और जागेश्वर धाम के दर्शन के लिए आते हैं. वर्तमान में मुंबई से हरिद्वार और रामनगर के लिए चलने वाली ट्रेनें काफी कम हैं, जिससे त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में टिकट मिलना बहुत मुश्किल हो जाता है. सीएम धामी ने मुंबई से देहरादून के बीच एक नई वंदे भारत या सुपरफास्ट एक्सप्रेस शुरू करने की जोरदार वकालत की. साथ ही मुंबई-हरिद्वार और मुंबई-रामनगर ट्रेनों के फेरे बढ़ाने का भी अनुरोध किया. उन्होंने देहरादून-कोटा ट्रेन को बढ़ाकर सीधे सूरत, वड़ोदरा और मुंबई तक चलाने की बात कही ताकि व्यापारियों और प्रवासियों को सीधी सुविधा मिल सके.

ऋषिकेश रेलवे स्टेशन की जमीन सौंपने का किया अनुरोध
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को लेकर भी एक बड़ा प्रस्ताव रखा. उन्होंने रेल मंत्री से अनुरोध किया कि इस पुराने रेलवे स्टेशन को बंद करके इसकी पूरी जमीन उत्तराखंड सरकार को सौंप दी जाए. सीएम ने बताया कि उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) और रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) मिलकर इस जगह पर ‘ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर’ की एक शानदार मास्टर प्लानिंग कर रहे हैं. इस एसेट मॉनेटाइजेशन प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने रेल मंत्रालय की तरफ से आरएलडीए को जल्द से जल्द औपचारिक निर्देश जारी करने को कहा. इसके साथ ही उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के काम में तेजी लाकर वहां जल्द से जल्द ट्रेन सेवा शुरू करने की भी मांग की.
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बनबसा स्टेशन को मिली सौगात
सीएम धामी ने कुमाऊं क्षेत्र के विकास के लिए किच्छा-सितारगंज-खटीमा नई रेल लाइन का पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा उठाने की मांग की. साथ ही उन्होंने स्थानीय किसानों की चिंताओं को दूर करने की भी अपील की. मुख्यमंत्री ने एक बहुत ही व्यावहारिक मांग रखते हुए कहा कि टनकपुर से चलने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस, मथुरा एक्सप्रेस और दौराई एक्सप्रेस को बनबसा रेलवे स्टेशन पर भी रोका जाए. उन्होंने बताया कि बनबसा भारत और नेपाल की सीमा से सटा हुआ एक बेहद महत्वपूर्ण व्यापारिक और सामरिक क्षेत्र है. यहाँ भारतीय सेना की राजपूत रेजिमेंट की यूनिट भी तैनात है. बनबसा में ट्रेनों के रुकने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ सेना के जवानों को भी बड़ी राहत मिलेगी. मुख्यमंत्री के इस जरूरी अनुरोध को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तुरंत स्वीकार करते हुए इसे अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी.
रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण और फाटक खोलने पर बनी सहमति
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण के तहत रायवाला से देहरादून तक के बचे हुए काम को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा. इसके अलावा उन्होंने हरिद्वार, हर्रावाला, देहरादून, खटीमा, लक्सर, रुड़की, टनकपुर और बनबसा रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने और उनके सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव रखा, जिस पर रेल मंत्री ने सकारात्मक सहमति जताई. धामी ने जनहित का एक और मुद्दा उठाते हुए खटीमा-मझोला पीलीभीत के बीच बंद पड़े रेलवे फाटक संख्या-18C को दोबारा खोलने की मांग की. उन्होंने बताया कि इस फाटक के बंद होने से स्थानीय किसानों और पर्यटकों को बहुत घूमकर जाना पड़ता है. इस इलाके में सरकार द्वारा बनाए गए क्रोकोडाइल पार्क आने वाले सैलानियों के लिए यह फाटक खुलना बहुत जरूरी है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सीएम धामी के सभी प्रस्तावों को ध्यान से सुना और उन पर जल्द से जल्द आवश्यक कार्यवाही करने का पूरा भरोसा दिया.
