बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी ने अपने प्रत्याशी को बदल दिया था. बता दें कि अब बीजेपी की तरफ से नीरज कुमार सिन्हा को प्रत्याशी बनाया गया. हाल ही में उनके दिए बयान ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया. कई लोग उनका मजाक बना रहे हैं. तो कई लोग उनके साथ में खड़े होने की बात कर रहे हैं.
दरअसल, 14 जुलाई को नीरज कुमार सिन्हा ने मीडिया के साथ में बातचीत की है. उन्होंने बार-बार कार्य शब्द का प्रयोग करने की बजाए कार शब्द का प्रयोग किया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया था. उन्होंने कहा कि ‘मैं बूथ लेवल का कार्यकर्ता हूं. मैं मंडल अध्यक्ष भी रहा हूं. नितिन भैया के लिए मैंने काम किया है. उनके द्वारा सिखाया गया कार है. कार कर कर के ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं और काम करते हुए आगे बढ़े हैं. मैंने चुनाव लड़वाया है. बांकीपुर से वह जीते हैं. उनके लिए सेवा भी की है.’
नीरज कुमार सिन्हा ने दावा किया है कि उनकी जीत निश्चित है. बीजेपी ने उन्हें मौका दिया है कि उसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकते थे. साथ ही उन्होंने प्रशांत किशोर और आरजेडी द्वारा दी गई चुनौती पर कहा कि चुनौती क्या ही रहेगी. मैने तो चुनाव लड़वाया है. जितवाया है. मेरी कार्यकर्ता ही मेरी शक्ति है.
बीजेपी के नीरज सिन्हा द्वारा शब्दों का ढंग से चयन न कर पाने के बिहार के कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि बीजेपी बांकीपुर चुनाव में पूरी तरीके से फंस चुकी है. राष्ट्रीय अध्यक्ष की इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए वह कई हथकंडे अपनी रही है, लेकिन प्रत्याशी के चयन में गड़बड़ी कर दी है. सबसे ज्यादा विधानसभा शिक्षित क्षेत्र में ऐसे इंसान को टिकट दिया गया है जो कि अपने शब्दों का सही से उच्चारण तक नहीं कर पा रहा है. जो अपनी बात तक नहीं रख पा रहा है, वह जनता की ओर सदन में समस्याओं को सुलझाने में रख पाएंगा? बीजेपी हमेशा से अपरिपक्व लोगों की हो पद देती आई है. वोट चोरी करके जनमत का अपहरण करके यह लोग सरकार तो बना लेते हैं, लेकिन जनता की जरूरत पर बिल्कुल खरे नहीं उतर पाते हैं.
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