जंतर-मंतर प्रदर्शन और संसद चलो मार्च में हुए हंगामे के बाद में मुद्दा गरमाते दिखाई दे रहा है. विपक्ष ने इस मामले पर देश के प्रधानमंत्री से जवाबदेही की डिमांड की है. इसी बीच बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी एक्स पर इस स्थिति पर चिंता जताई है. उन्होंने मामले पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके लिए देश के युवाओं का भविष्य सर्वेष्ठ है. पेपर लीक के मामले पर दोषी पाए जाने वाले लोगों पर सख्त से सख्त एक्शन लेने की बात की गई है.
प्रधानमंत्री मोदी ने किया ट्वीट
बार-बार कॉकरोच जनता पार्टी और प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री से बच्चों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर जवाब मांगते दिखाई दिए थे. ऐसे में प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि ‘देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा. इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें. विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.’

लाठीचार्ज और पत्थरबाजी
बता दें कि 20 जुलाई दिन मंगलवार को संसद चलो मार्च में पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले लोगों पर लाठीचार्ज किया था. साथ ही आंसू गैस के गोले भी दागे थे, जिसकी वजह से प्रदर्शनकारियों को काफी चोटें आई थी. हालांकि, लाठीचार्ज के दौरान पुलिस पर प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की थी, जिसकी वजह से उन्हें भी गंभीर चोट आई थी. बता दें कि सोनम वांगचुक ने अभी तक अपना अनशन नहीं तोड़ा है. वह मेदांता अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है.
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