20 जुलाई को हुए प्रदर्शन में सीजेपी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बातचीत की थी. दोनों के बीच में हुई बातचीत से लगा था कि प्रदर्शन का हल निकल जाएगा. हालांकि, ऐसा हुआ नहीं. लिखित में दिए पत्र के बाद भी सरकार की तरफ से ऐसा कोई हल नहीं आया है, जिससे की प्रदर्शन रुक जाए. एक तरफ सीजेपी ने सरकार से बातचीत के लिए इनकार किया है. तो वहीं, दूसरी तरफ सरकार ने छात्र जहां चाहेंगे वहां बातचीत करने की बात कही है.
सरकार ने क्या कहा है?….
दरअसल, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि छात्र जहां पर चाहेंगे, सरकार वहां पर उनसे बातचीत करने के लिए तैयार हो जाएगी. ऐसे में लोगों का कहना है कि सरकार ने सीजेपी की शर्तों को मान लिया है. वह उनसे जंतर-मंतर पर ही बातचीत करने के लिए आ सकती है.
सीजेपी ने बातचीत से कर दिया इनकार…
वहीं, दूसरी तरफ सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आई है कि सीजेपी ने सरकार ने बातचीत करने से इनकार कर दिया है. सीजेपी के नेताओं ने जेपी नड्डा से बातचीत करने के लिए इनकार किया है. मोदी सरकार सीजेपी के प्रवक्ताओं से बातचीत करने के लिए तैयार है, लेकिन सीजेपी साफ इनकार कर रही है. सरकार अब इन मसलों को जल्द से जल्द सुलझाना चाहती है. हालांकि, सीजेपी अभी भी अपने शर्तों पर टिकी हुई है. अब देखना यह है सरकार का आगे क्या फैसला होता है. प्रदर्शनकारियों का भविष्य आखिर क्या होता है.
ये भी पढ़ें: कानपुर कोडीन सिरप केस में SIT ने दाखिल की 5000 पन्नों की चार्जशीट,1.12 करोड़ बोतलों की सप्लाई का खुलासा
