उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है. दरअसल, यहां पर तीन सगी बहनों ने एक ही व्यक्ति के साथ शादी करने का दावा किया है. बहनों ने सोशल मीडिया पर जैसे ही यह वीडियो डाला, लोगों के बीच में यह चर्चा का विषय बन गया. यह केवल उसी गांव में नहीं बल्कि पूरे देश में ही चर्चा का विषय बन हुआ है. दरअसल, सभी का यहीं पूछना है कि क्या ये शादी कानूनी रूप से सही है. आइए जानते हैं.
मामला हसनपुर थाना क्षेत्र का है. जहां तीन बहनें ‘AK-1990’ नाम का एक यूट्यूब चैनल चलाती है. दो बहनें सगी है और एक मौसेरी बहन है. जानकारी के मुताबिक, जिस युवक से तीनों ने शादी रचाई है वह इस चैनल का कैमरामैन है. युवक फिलहाल के समय में बीए-एलएलबी की तैयारी कर रहा है.
तीनों बहनों ने हसनपुर के चामुंडा देवी मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की है. 15 जुलाई को तीनों एक ही युवक से फेरे लेते दिखाई दी है. बहनों ने शादी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाला, जिसके बाद मामला चारों तरफ फैलता चला गया. दरअसल, हिंदू धर्म में एक व्यक्ति तीन पत्नियों को नहीं रख सकता है. हिंदू विवाह अधिनियम के तहत एक पुरुष केवल एक ही महिला के साथ में रह सकता है. इसी कारण से यह शादी कानूनी रूप से मान्य नहीं है.
सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद में पुलिस तक भी यह मामला जा पहुंचा, जिसके बाद हसनपुर थाना प्रभारी पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तीनों बहनों के घर गए, जिसके बाद में तीनों बहनें अपने पति के संग सीओ के कार्यालय गई. वहां पर पूछताछ के दौरान उन्होंने खुद को बालिग बताया है. हालांकि, पुलिस ने फिलहाल के लिए तीनों को जाने दिया है. पुलिस मामले की जांच कर तीनों की वास्तविक उम्र जानने की कोशिश कर रही है.
मंदिर प्रबंधन और लड़कियों के परिवार वालों ने बरती सख्ती
इस मामले पर मंदिर प्रबंधन ने खुद को अलग कर लिया है. उनका कहना है कि जिस समय में यह शादी संपन्न हुई है. वहां पर कोई भी पुजारी मौजूद नहीं था. प्रबंधन ने इस मामले पर बैठक भी बुलाई है. वहीं, तीनों लड़कियों के मां-बाप ने इस शादी को स्वीकार करने से मना कर दिया है. परिवार वालों ने लड़कियों को मौका देते हुए कहा है कि अगर उन्होंने यह हरकत केवल रील के लिए की है तो उनके लिए यह दरवाजे खुले हुए है. अगर उन्होंने वास्तव में ऐसा किया है, तो उनका हमसे कोई संबंध नहीं है.
ये भी पढ़ें: कारगिल विजय दिवस पर CM पुष्कर सिंह धामी ने किया बड़ा ऐलान… परमवीर चक्र विजेताओं की सम्मान राशि हुई ₹2 करोड़
