जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री अमर अब्दुल्ला के पारिवारिक जीवन में दिक्कतें देखने को मिल रही है. बता दें कि जम्मू कश्मीर के मुख्यंमत्री और उनकी पत्नी पायल अबदुल्ला काफी समय से अलग रह रहे हैं. इसी बीच खबर सामने आई है कि उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में विवाह को समाप्त करने की मांग की है. काफी समय से दोनों के बीच चल रही लड़ाई अब अपना अंतिम रूप ले चुकी है.
वरिष्ठ अधिकारी कपिल सिब्बल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि दोनों ही पक्ष एक दूसरे से आजादगी की डिमांड कर रहे थे. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान में दोनों ही मुद्दों पर सहमति बना चुके है. अनुच्छेद-142 के तहत आवश्यक आवेदन का भी दाखिला हो सकता है और अब अदालत सीधे तलाक की डिक्री को जारी कर सकता है. सिब्बल पीठ ने कहा है कि ‘दोनों की सभी मुद्दों पर सहमति बन गई है. अनुच्छेद 142 के तहत मामले को दाखिल कर लिया गया है. जल्द ही दोनों को अदालत की तरफ से तलाक की मंजूरी मिल जाएगी.
कब से आई दोनों के रिश्ते में खटास
दरअसल, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पायल के बीच 1 सितंबर 1994 को विवाह हुआ था. दोनों के बीच लेकिन परेशानी आनी लगी थी, जिसके बाद 2009 में वह एक दूसरे से अलग रहने लगे. दोनों के 2 बेटे हैं. करीब 18 वर्षों से दोनों के बीच के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं. अब जाकर दोनों के बीच सहमति बनी है और विवाह को समाप्त करने का फैसला लिया गया है.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लगाया ये आरोप
जानकारी के मुताबिक, उमर अब्दुल्ला ने पहले पत्नी पर क्रूरता और साथ छोड़ देने का आरोप लगाया हुआ था, जिसके आधार पर उन्होंने तलाक की याचिका दायर की थी. हालांकि, 2016 में दिल्ली फैमिली कोर्ट ने उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया. मामला फिर दिल्ली हाईकोर्ट में पहुंचा, लेकिन दिसंबर 2023 में वहां से भी उनको निराशा ही झेलनी पड़ी. हाईकोर्ट ने कहा कि क्रूरता से जुड़े आरोप पर्याप्त नहीं है. इसी कारण से इसे तलाक का आधार नहीं माना जा सकता है. जब बात दिल्ली हाईकोर्ट में नहीं पहुंचा, तो फिर उमर अब्दुल्ला ने सु्प्रीम कोर्ट का सहारा लिया. हालांकि, उनके मामले की सुनवाई में दोनों को पहले मेडिएशन सेंटर में भेजा गया. बातचीत से हालत ठीक नहीं हुए तो फिर कोर्ट ने दोनों को विवाह समाप्त करने का आदेश दे दिया.
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