Chamoli tamaknala accident: चमोली में बेली ब्रिज बहने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत-बचाव, आवश्यक आपूर्ति और वैकल्पिक रास्तों की बहाली के लिए अधिकारियों को 24×7 अलर्ट पर रहने के सख्त निर्देश दिए हैं.

Chamoli tamaknala accident: उत्तराखंड के चमोली में तमकनाला के पास हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. ज्योतिर्मठ-मलारी रास्ते पर बेली ब्रिज बह जाने से पैदा हुए संकट को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है. मुख्यमंत्री लगातार स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से अपडेट ले रहे हैं. उनका कहना है कि प्रभावित गांवों तक मदद पहुंचाना और रास्ते को जल्द चालू करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है. सरकार का पूरा ध्यान आपदा से प्रभावित लोगों की सुरक्षा पर है.
बेली ब्रिज बहने से बिगड़े हालात
सोमवार को चमोली जिले में ज्योतिर्मठ-मलारी रास्ते पर अचानक तमकनाला का जलस्तर बहुत बढ़ गया था. पानी के तेज बहाव की वजह से 123 बीआरटीएफ द्वारा बनाया गया बेली ब्रिज बह गया. इस तेज बहाव में एक गाड़ी और एक व्यक्ति के बह जाने की दुखद खबर सामने आई थी. जैसे ही मुख्यमंत्री को इस हादसे का पता चला, उन्होंने बिना देर किए आपदा प्रबंधन सचिव से बात की और एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों को तुरंत मौके पर भेज दिया.
राशन और दवाइयों की नहीं होगी कमी
मुख्यमंत्री धामी ने चमोली के जिलाधिकारी और गढ़वाल कमिश्नर को साफ निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती और प्रभावित इलाकों में जरूरी चीजों की सप्लाई बिल्कुल नहीं रुकनी चाहिए. गांवों में राशन, पीने का पानी, दवाइयां और जरूरत का सामान लगातार पहुंचना चाहिए. इसके लिए अगर दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़े तो तुरंत व्यवस्था की जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे दफ्तरों में बैठने के बजाय खुद मौके पर जाकर हालात देखें.
रास्ते को दोबारा चालू करने की कोशिशें तेज
पुल बह जाने की वजह से सड़क संपर्क टूट गया है. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने रास्ते को फिर से शुरू करने के लिए सभी विकल्पों पर काम करने को कहा है. जब तक मुख्य रास्ता ठीक नहीं होता, तब तक वैकल्पिक रास्ते तैयार किए जा रहे हैं. अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि कनेक्टिविटी बहाली के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निर्माण एजेंसियों को काम तेजी से पूरा करने के आदेश जारी किए गए हैं.
निचले इलाकों में अलर्ट, 24 घंटे रखी जा रही नजर
मौसम के मिजाज को देखते हुए नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी करने को कहा है. संवेदनशील जगहों पर रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी कर ली गई है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से 24 घंटे हालात पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी नई आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके.
संकट के समय सरकार की प्राथमिकता
तमकनाला की इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ों में कुदरत के खतरे को सामने ला दिया है. लेकिन सरकार का फोकस केवल बचाव काम तक सीमित नहीं है. सरकार का मकसद है कि प्रभावित इलाकों में जिंदगी जल्द से जल्द पटरी पर लौटे. त्वरित फैसलों और बेहतर तालमेल से आपदा के असर को कम करने की कोशिश की जा रही है. मुख्यमंत्री ने दोहराया है कि मुश्किल की इस घड़ी में राज्य का हर नागरिक सुरक्षित रहे, यही उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
