Chamoli Tunnel Accident: पीपलकोटी टनल हादसे में 7 मजदूरों की मौत,तीन की तलाश जारी, सीएम धामी ने संभाला मोर्चा
चमोली टनल हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 मजदूर घायल हुए हैं। घायलों में एक मजदूर का इलाज पीपलकोटी स्थित विवेकानंद हॉस्पिटल में चल रहा है, जबकि 11 मजदूरों को गोपेश्वर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया. टनल के अंदर अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी भर जाने से वहां काम कर रहे कई मजदूर फंस गए. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया. सीएम धामी ने चमोली पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने अफसरों से पूरी जानकारी ली. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती मजदूरों से भी हाल-चाल जानेंगे.
7 मजदूरों की मौत, तीन की तलाश जारी
प्रशासन के अनुसार टनल में कुल 22 मजदूर फंसे थे. रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 19 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया, जबकि 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है. 14 मजदूर घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है. वहीं 3 मजदूर अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए अभियान जारी है.
रातभर से राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी
मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से रातभर राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहा. जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं.
अलग-अलग राज्यों के रहने वाले मजदूर
घायलों में अधिकांश को गोपेश्वर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक गंभीर रूप से घायल मजदूर को हायर सेंटर रेफर किया गया है. बताया जा रहा है कि टनल में कार्यरत मजदूर पंजाब, बिहार और झारखंड समेत विभिन्न राज्यों के रहने वाले थे.
रेस्क्यू में परेशानी
हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. टनल में लगातार पानी भरने और मलबा जमा होने के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद बचाव दल पूरी सावधानी के साथ अंदर फंसे मजदूरों की तलाश में जुटे हुए हैं.
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मौके पर अधिकारियों एवं रेस्क्यू टीमों से लगातार जानकारी लेते हुए शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों एवं तकनीकी सहायता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही घायलों के उपचार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी लगातार जुटाई जा रही हैं.
जिला प्रशासन द्वारा पूरे घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है.
