ऑपरेशन सिंदूर के लिए कांग्रेस ने एक रिव्यू कमेटी बनाने की मांग की है. कांग्रेस ने मांग की है कि ऐसी कमेटी बने जो कारगिल युद्ध के बाद बनाई गई रिव्यू कमेटी के समान हो. आपको बता दें कि कांग्रेस ने ये मांग पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान के खुलासे के बाद की है.
कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए कारगिल की तर्ज पर एक रिव्यू कमेटी बनाने की मांग की है. जानकारी के मुताबिक 30 मई 2025 को सिंगापुर में दिए एक मीडिया इंटरव्यू में तत्कालीन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कुछ बेहद महत्वपूर्ण खुलासे किए थे और बीते मंगलवार को भी जनरल चौहान ने फिर कुछ खुलासे किए हैं. उनके इस बयान के बाद ही कांग्रेस ने रिव्यू कमेटी बनाने की मांग की. कांग्रेस का कहना है कि सनसनीखेज खुलासे गहन विश्लेषण का विकल्प नहीं हो सकते.
कारगिल युद्ध के बाद बनी थी कमेटी
आपको बता दें कि कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा कि यह याद करना जरूरी है कि कारगिल युद्ध खत्म होने के चार दिन बाद यानी 29 जुलाई 1999 को वाजपेयी सरकार ने के. सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता में कारगिल रिव्यू कमेटी का गठन किया था, जिसकी रिपोर्ट 23 फरवरी साल 2000 को संसद में पेश की गई थी. समय-समय पर इंटरव्यू और लेक्चर में किए जा रहे हेडलाइन बनाने वाले खुलासे चाहे वो किसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हों या नहीं, उस तरह की व्यवस्थित और व्यापक समीक्षा प्रक्रिया का विकल्प नहीं हो सकते.
जयराम रमेश ने भी उठायी मांग
इस दौरान पूर्व सीडीएस के दावों का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी ऑपरेशन सिंदूर की एक व्यवस्थित और व्यापक समीक्षा की मांग की है. उन्होंने कहा कि पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने पहले भी सिंगापुर में और फिर मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में इसी तरह के दावे किए थे. उन्होंने कहा था कि किराना हिल्स पर लोइटरिंग मुनिशन्स गिरे होंगे, हालांकि सुरक्षा बलों ने इसे निशाना नहीं बनाया था.
प्रधानमंत्री ने दिए निर्देश
मांग उठाने के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम हमले के बाद 29 अप्रैल को हुई एक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फैसला किया था कि हमें पाकिस्तान को एक बड़ा सबक सिखाना चाहिए और इसके लिए अकल्पनीय कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि भारत सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया था कि कोई चूक न हो और सबूत सुरक्षित रखे जाएं.
पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान का दावा
दरअसल, पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को कहा था कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान की किराना हिल्स को निशाना नहीं बनाया था, जहां कथित तौर पर परमाणु सुविधा मौजूद है और सरगोधा पर बड़ी संख्या में लोइटरिंग मुनिशन्स भेजे गए थे, जिनमें से एक की चलने की क्षमता खत्म हो गई होगी और वह किसी पहाड़ी से टकरा गई होगी. फिलहाल अब कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर रिव्यू कमेटी की मांग की है.
