Amazon Refund Scam: ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की रिफंड पॉलिसी का फायदा उठाकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है. कैंट पुलिस ने फर्जी सिम के जरिए महंगे आईफोन मंगाकर रिफंड ठगने वाले मास्टरमाइंड शेखर मीणा को गिरफ्तार किया है.

Amazon Refund Scam: ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स की पॉलिसी का गलत फायदा उठाकर ठगी करने वाले एक अंतरप्रांतीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. कैंट थाना पुलिस ने इस शातिर रैकेट के मास्टरमाइंड शेखर मीणा को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही फर्जी सिम और ओटीपी मुहैया कराने वाले एक टेलीकॉम कंपनी के कर्मचारी तरुण शर्मा को भी धर दबोचा गया है. यह गिरोह पिछले 3 साल से ई-कॉमर्स कंपनियों को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहा था.
ऐसे चलता था फर्जी सिम का खेल
जांच में पता चला कि आरोपी तरुण शर्मा दुकान पर आने वाले सीधे-साधे ग्राहकों को निशाना बनाता था. वह ग्राहकों को ‘ओटीपी नहीं आने’ का बहाना बनाकर उनके नाम पर दूसरी फर्जी सिम चालू कर लेता था. फिर महज ₹700 के लालच में वह फर्जी सिम और ओटीपी गिरोह के सरगना शेखर मीणा को बेच देता था. शेखर इन फर्जी नंबरों का इस्तेमाल करके अमेज़न पर फर्जी अकाउंट खोलता था.
रिफंड पॉलिसी में सेंधमारी का तरीका
फर्जी अकाउंट से आईफोन और वनप्लस जैसे महंगे मोबाइल ऑर्डर किए जाते थे. पार्सल डिलीवरी होते ही आरोपी अमेज़न की रिफंड पॉलिसी का गलत इस्तेमाल करते थे. वे सामान खराब होने या डिलीवरी न मिलने की झूठी शिकायत दर्ज कराते थे. शिकायत दर्ज होते ही कंपनी उनका पूरा पैसा वापस रिफंड कर देती थी. इस तरह आरोपी बिना एक भी पैसा खर्च किए नया और महंगा फोन हासिल कर लेते थे.
रिश्तेदारों के खातों का इस्तेमाल
फर्जीवाड़े से मिले महंगे मोबाइलों को स्थानीय और राजस्थान के दुकानदारों को सस्ते दामों में बेच दिया जाता था. मोबाइल बेचने से मिलने वाले कैश को छुपाने के लिए आरोपी बहुत चालाकी बरतते थे. वे इस काली कमाई को सीधे अपने खाते में ट्रांसफर नहीं करते थे. इसके बजाय वे अपने रिश्तेदारों और परिजनों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे ताकि पुलिस और साइबर सेल की नजरों से बच सकें.
65 हजार के फोन से खुला राज
इस पूरे घोटाले की पोल तब खुली जब एक पीड़ित ने कैंट थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई. मास्टरमाइंड शेखर ने पीड़ित को ₹65 हजार का वनप्लस फोन सिर्फ ₹45 हजार में दिलाने का लालच दिया था. इसके लिए आरोपी ने ₹12 हजार एडवांस भी ऐंठ लिए थे. पुलिस ने शिकायत मिलते ही जांच शुरू की और शेखर को हिरासत में लेकर पूछताछ की. कड़ाई से पूछताछ में 3 साल से चल रहे इस बड़े स्कैम का राज बाहर आ गया.
फरार साथियों की तलाश जारी
कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव की टीम अब इस गिरोह के बाकी नेटवर्क को खंगाल रही है. पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. इसके साथ ही राजस्थान के उन संदिग्ध मोबाइल दुकानदारों की भी जांच की जा रही है जो इनसे सस्ते में चोरी के फोन खरीदते थे. पुलिस का मानना है कि इस मामले में अभी कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
