गोंडा में एक व्यापारी की मौत के बाद माहौल गर्म हो गया है. बताया जा रहा है कि लखनऊ के KGMU में इलाज के दौरान व्यक्ति कीमौत हो गई. जिसके बाद कैबिनेट मंत्री संजय निषाद KGMU के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और धरने पर बैठ गए. उन्होंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
उत्तर प्रदेश के गोंडा में बर्तन व्यापारी पर हुए हमले के बाद गुरुवार को लखनऊ में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. व्यापारी की मौत की सूचना मिलते ही कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद लखनऊ के KGMU पहुंचे और पोस्टमार्टम हाउस पर धरने पर बैठ गए. इस दौरान उनके साथ VIP पार्टी के मुखिया मुकेश सहनी और सपा MLC राजपाल कश्यप भी धरने में शामिल हुए. धरने के दौरान कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान ‘पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’, ‘हत्यारों को फांसी दो’ और ‘हत्यारों के घर बुलडोजर चलाओ’ जैसे नारे भी लगाए गए.
8-10 लोगों ने किया हमला
आपको बता दें कि मृतक की पहचान 45 साल के विनोद कुमार साहनी के रूप में की गई है. जानकारी के मुताबिक वह गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सड़िया गांव के रहने वाले थे और बर्तन की दुकान चलाते थे. पुलिस ने बताया कि 9 सितंबर की रात लगभग 8 बजे विनोद अपनी दुकान बंद करके बाइक से घर लौट रहे थे. इसी दौरान कई बाइकों से आए 8 से 10 लोगों ने उन्हें रोक लिया. आरोप है कि हमलावरों ने विनोद पर धारदार हथियारों से हमला किया.
लखनऊ किया गया था रेफर
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान विनोद ने कुछ हमलावरों को पहचान लिया था. पुलिस को दी गई तहरीर में शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह के नाम सामने आये हैं. वहीं इसके अलावा 5 से 7 अज्ञात लोगों के भी हमले में शामिल होने की बात सामने आयी है. हमले में विनोद गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. बताया जा रहा है कि गोंडा मेडिकल कॉलेज से भी उनकी हालत को देखते हुए लखनऊ के KGMU भेजा गया. यहां उनका इलाज चल रहा था, लेकिन गुरुवार दोपहर लगभग 3 बजे उनकी मौत हो गई.
संजय निषाद ने ने शुरू किया धरना
विनोद की मौत की जानकारी मिलते ही मंत्री संजय निषाद KGMU के पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए. उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें मदद का भरोसा दिया. संजय निषाद ने घटना को बेहद गंभीर और निंदनीय बताते हुए परसपुर थाना प्रभारी, शाहपुर चौकी प्रभारी समेत संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की. इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो गोंडा में एसपी आवास और एसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि व्यापारी पर हमला और उसकी मौत के मामले में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
कई लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा
आपको बता दें कि परसपुर पुलिस ने विनोद की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया है. पुलिस ने बताया कि शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह समेत 5 से 7 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. मामले में BNS की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. जानकारी के मुताबिक मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अंकित सिंह कर रहे हैं. पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं. पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है.
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
आपको बता दें कि विनोद की मौत के बाद निषाद समाज के लोगों में काफी आक्रोश है. लखनऊ में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बड़ी संख्या में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक जुटे. लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल पुलिस का फोकस नामजद और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर है.
