बिजनौर में तेंदुओं का खौफ लगातार बढ़ रहा है. पिछले 3 सालों में 60 से ज्यादा लोगों की मौत तेंदुओं के हमले से हो चुकी है. इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश और डर दोनों बना हुआ है.
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में तेंदुए के हमले लगातार जारी हैं. नजीबाबाद थाना क्षेत्र के आलोपुर गांव में तेंदुए ने बबीता नाम की महिला पर हमला कर दिया. तेंदुआ महिला को गर्दन से दबोचकर गन्ने के खेत में खींच ले गया. ग्रामीणों ने शोर मचाकर तेंदुए को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी. घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है.
ग्रामीणों ने दी सूचना
जानकारी के मुताबिक बबीता गांव के पास मौजूद थीं. इसी दौरान तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया. तेंदुआ उन्हें गर्दन से दबोचकर गन्ने के खेत की ओर ले गया. महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने गन्ने के खेत में घुसकर तेंदुए को ललकारा और शोर मचाया. जिससे तेंदुआ महिला को छोड़कर वहां से भाग गया. हमले में बबीता की मौके पर ही मौत हो गई. ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस और वन विभाग को दी. सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची.
3 साल में 60 से ज्यादा मौतें
आपको बता दें कि बिजनौर लंबे समय से मानव-तेंदुआ संघर्ष की समस्या से जूझ रहा है. स्थानीय और सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 3 सालों में जिले में तेंदुए के हमलों में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. गन्ने के ऊंचे खेत तेंदुओं के छिपने के लिए सुरक्षित जगह बन गए हैं. जिसके कारण किसान और ग्रामीण लगातार खतरे में रहते हैं. वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले के खेतों और आसपास के इलाकों में 500 से ज्यादा तेंदुए मौजूद होने का अनुमान है. विभाग का कहना है कि इनकी संख्या बढ़ भी रही है. जानकारी के मुताबिक तेंदुओं को पकड़ने के लिए 100 से ज्यादा पिंजरे भी लगाए जा चुके हैं और करीब 120 तेंदुओं को पकड़े जाने का दावा भी है.
सीओ ने जताई नाराजगी
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे नजीबाबाद के सीओ सुनील कुमार सिंह भी हालात देखकर नाराज हो गए. उन्होंने भी वन विभाग के अधिकारियों के सामने तेंदुओं के बढ़ते हमलों पर नाराजगी जताई. सीओ ने इस दौरान अधिकारियों से कहा कि अब स्थिति गंभीर हो गई है और उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर चार-छह तेंदुओं को मारने की कार्रवाई की जाए, जिससे आगे किसी की जान न जाए.
