जोधपुर एम्स में एनेस्थीसिया विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि मृतक फर्स्ट ईयर का छात्र था. पुलिस को उनका शव डॉक्टर्स रेस्ट रूम के बाथरूम में मिला.
राजस्थान के जोधपुर में मौजूद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIMS) में एनेस्थीसिया विभाग के फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस घटना से हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक़ डॉक्टर का शव संस्थान के डॉक्टर्स रेस्ट रूम के बाथरूम में मिला. पुलिस ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया मामला इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या का लग रहा है. हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया है. मामले की जांच की जा रही है.
खुद को रेस्ट रूम में किया बंद
पुलिस के अनुसार घटना एम्स के एनेस्थीसिया विभाग की पहली मंजिल पर स्थित डॉक्टर्स रेस्ट रूम की है. मृतक की पहचान डॉ. राज निलेश यादव के रूप में हुई है. वह एनेस्थीसिया विभाग में फर्स्ट ईयर के छात्र थे. बताया जा रहा कि डॉ. राज ने खुद को रेस्ट रूम के बाथरूम में बंद कर लिया था. कुछ समय बाद जब वह बाहर नहीं आए तो मामले की जानकारी पुलिस को दी गई.
बरामद नहीं हुआ सुसाइड नोट
एसीपी भजनलाल जांगिड़ ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि घटनास्थल की जांच के दौरान इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन बरामद हुए हैं. शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाकर अपनी जान दी. घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. इसलिए पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि डॉक्टर की मौत के पीछे क्या वजह रही होगी?
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
फिलहाल इस घटना के बाद पुलिस ने डॉ. राज के परिवारवालों, सहकर्मियों और रूममेट्स से भी पूछताछ की है. उनके परिचितों के मुताबिक डॉ. राज सामान्य और खुशमिजाज स्वभाव के थे. पुलिस ने डॉ. का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है. अब मोबाइल में मौजूद डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है. इसके अलावा फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से भी जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं.
