मुरादाबाद में कुलदीप हत्याकांड के बाद परिवार ने 3 दिनों बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. परिवार की मांग थी कि पहले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाये.
मुरादाबाद में किसान कुलदीप सिंह (38) की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक़ वारदात डिलारी थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव की है. यहां मामूली कहासुनी के बाद किसान को गोली मार दी गई थी. हत्या के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया था. बताया जा रहा है कि करीब तीन दिन तक शव घर में रखा रहा. हालांकि पुलिस का कहना है कि अंतिम संस्कार में देरी की मुख्य वजह परिवार के उन सदस्यों का इंतजार करना था, जो भारतीय सेना और उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात हैं. आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद परिजनों ने किसान का अंतिम संस्कार कर दिया.
कहासुनी के बाद मारी गोली
पुलिस के मुताबिक पूरी घटना 21 अक्टूबर की रात की है. गोविंदपुर गांव में रहने वाले किसान कुलदीप सिंह की गांव के कुछ लोगों से कहासुनी हो गई थी. आरोप है कि इसी विवाद के बाद आरोपियों ने मिलकर कुलदीप की हत्या की साजिश रची. मृतक की पत्नी प्राची के अनुसार, आरोपियों ने कुलदीप के साथ गाली-गलौज की. इसके बाद मुख्य आरोपी शैलेंद्र कुमार ने उनके पेट में गोली मार दी. गोली लगने से कुलदीप गंभीर रूप से घायल हो गए. परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
3 दिन तक नहीं हुआ अंतिम संस्कार
आपको बता दें कुलदीप की हत्या के बाद परिजन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी चाहते थे. परिवार ने मांग की कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. मृतक की पत्नी प्राची और भाई अरविंद कुमार ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की. जानकारी के मुताबिक अरविंद भारतीय सेना में तैनात हैं, जबकि मृतक की बहन यूपी पुलिस में दारोगा हैं. उनके घर पहुंचने का इंतजार भी किया जा रहा था. इस वजह से कुलदीप का शव तीन दिन तक घर में रखा रहा. इस दौरान परिवार की नाराजगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही.
पुलिस ने अंतिम संस्कार में देरी की बताई वजह
अंतिम संस्कार ना होने के मामले में स्थानीय स्तर पर यह चर्चा होने लगी कि पुलिस की ओर से FIR दर्ज नहीं किए जाने के कारण परिवार ने अंतिम संस्कार रोक दिया था. हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इस बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि घटना के तुरंत बाद ही मामले में FIR दर्ज कर ली गई थी. पुलिस के मुताबिक, अंतिम संस्कार में देरी की मुख्य वजह परिवार के सदस्यों का इंतजार करना था.
पुलिस ने तीन लोगों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने जांच और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 23 अक्टूबर को मुख्य आरोपी शैलेंद्र कुमार, उसके पिता भूपेंद्र कुमार और साथी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया 12 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद किया. पुलिस मामले में आगे की करवाई कर रही है.
