Su-57 Product 177 engine: रूस ने Su-57 फाइटर जेट के लिए नया Product 177 इंजन विकसित कर लिया है, जिससे इसकी ताकत, गति और मारक क्षमता पहले से कई गुना बढ़ जाएगी.

Su-57 Product 177 engine: रूस ने अपने पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट Su-57 की सबसे बड़ी कमजोरी, यानी इंजन, को सुधार लिया है. लंबे समय से Su-57 की बिक्री में यह कमी बनी हुई थी. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने अपना नया इंजन Product 177 डेवलप कर लिया है. इस इंजन से Su-57 की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी और इसके परीक्षण भी शुरू हो चुके हैं. हालांकि इंजन की कई तकनीकी जानकारियां अभी गोपनीय हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर माना जा रहा है कि Su-57 अब पहले से बहुत अधिक घातक बन चुका है.
Product 177 इंजन को रोसटेक और उसकी सहायक कंपनी United Engine Corporation ने खासतौर पर Su-57 जैसे पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट के लिए बनाया है. UEC के मुताबिक, यह इंजन 16,000 किलोग्राम-फोर्स तक का आफ्टरबर्निंग थ्रस्ट जेनरेट करता है. इसका मतलब है कि ऑपरेशन के दौरान कम ईंधन खर्च होगा और विमान की सर्विस लाइफ भी बढ़ेगी. इससे Su-57 की क्षमता और बढ़ जाएगी.
इंजन की खासियतों में एडवांस मैटेरियल, थर्मल कोटिंग और नई मैन्युफैक्चरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इससे टर्बाइन इनलेट टेम्परेचर (TET) को सुरक्षित रूप से बढ़ाया जा सकता है. इसका सीधा फायदा थ्रस्ट एफिशिएंसी और फ्यूल कंजम्प्शन में दिखेगा. आसान शब्दों में कहें तो विमान की गति, कंट्रोल और रेंज में सुधार होगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूस भविष्य में इसी इंजन का इस्तेमाल Su-35, Su-34 और भारत में इस्तेमाल होने वाले Su-30MKI/SM जैसे विमानों को अपग्रेड करने के लिए भी कर सकता है.

भारत के लिए यह खास खबर है, क्योंकि भारत Su-30MKI का इस्तेमाल करता है और फिलहाल इसके इंजन को अपग्रेड करने की योजना भी चल रही है. Product 177 और 177S प्रोग्राम से Su-57 की मारक क्षमता बढ़ जाएगी और यह विमान अब एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार है. रूस ने Su-57 की एक्सपोर्ट डिलीवरी भी शुरू कर दी है और नए इंजन वाले Su-57E की मांग तेजी से बढ़ सकती है.
विशेषज्ञों के अनुसार, Product 177 इंजन के साथ Su-57M बिना आफ्टरबर्नर के Mach 1.8 से 2.0 की सुपरसोनिक उड़ान भरने में सक्षम होगा. इससे थर्मल सिग्नेचर कम होगा, मिशन रेंज बढ़ेगी और विमान पहले से ज्यादा घातक बन जाएगा. यह इंजन रूस के लिए Su-57 की बिक्री और रणनीतिक ताकत दोनों को बढ़ाने वाला साबित होगा.
