amit shah in assam: अमित शाह ने असम में कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासन में सात जिलों में घुसपैठियों की संख्या बढ़कर 64 लाख हो गई और जनसंख्या संतुलन बिगड़ गया है. उन्होंने भाजपा सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि केवल वही इस समस्या को रोक सकती है और आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता बनाए रखने का लक्ष्य रखती है.

amit shah in assam: असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल तेज हो गया है. इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के दौरे पर असम पहुंचे. शुक्रवार को उन्होंने धेमाजी में एक बड़ी रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला. अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में असम के कई इलाकों की स्थिति पूरी तरह बदल गई. उन्होंने दावा किया कि राज्य के सात जिलों में आबादी का संतुलन बिगड़ गया है. शाह के अनुसार इन जिलों में बड़ी संख्या में घुसपैठ हुई है. उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर स्थानीय लोगों पर पड़ा है. रोजगार और जमीन से जुड़े मुद्दों पर लोगों को नुकसान झेलना पड़ा है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में घुसपैठ की समस्या को अगर कोई सरकार रोक सकती है तो वह सिर्फ भाजपा की सरकार है.
अमित शाह ने रैली में दावा किया कि कांग्रेस के करीब बीस साल से ज्यादा के शासन के दौरान असम के सात जिलों में घुसपैठियों की संख्या बढ़कर करीब 64 लाख तक पहुंच गई. उन्होंने कहा कि इसी वजह से इन इलाकों की पूरी जनसंख्या संरचना बदल गई. गृह मंत्री ने कहा कि पहले इन जिलों में इस तरह की स्थिति नहीं थी. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस सरकार ने इस गंभीर समस्या पर कभी सख्ती से काम नहीं किया. शाह ने कहा कि लगातार अनदेखी के कारण आज हालात इतने बिगड़ गए हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस के शासन में स्थानीय लोगों की चिंता को नजरअंदाज किया गया.
गृह मंत्री ने जिन सात जिलों का नाम लिया उनमें धुबरी, बरपेटा, दर्रांग, मोरीगांव, बोंगाईगांव, नगांव और गोलपारा शामिल हैं. अमित शाह ने कहा कि इन जिलों में घुसपैठिए अब बहुसंख्यक हो चुके हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस शासन से पहले इन इलाकों में घुसपैठियों की मौजूदगी नहीं के बराबर थी. शाह ने कहा कि इन जिलों में बदलाव साफ दिखाई देता है. उन्होंने इसे राज्य की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन के लिए बड़ा खतरा बताया.
अमित शाह ने भाजपा सरकार के काम गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में लगातार दो बार भाजपा की सरकार बनी है. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान करीब एक लाख छब्बीस हजार एकड़ जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है. उन्होंने कहा कि यह जमीन घुसपैठियों द्वारा कब्जाई गई थी. शाह ने दोहराया कि घुसपैठ रोकने और अवैध कब्जों पर कार्रवाई करने का काम केवल भाजपा सरकार ही कर सकती है. उन्होंने लोगों से भरोसा जताने की अपील भी की है.

रैली में अमित शाह ने मिसिंग यानी मिरी समुदाय की भी खास तौर पर सराहना की. उन्होंने कहा कि यह समुदाय मेहनती है और शांतिपूर्ण जीवन जीता है. शाह ने कहा कि इसी समुदाय की वजह से घुसपैठिए ऊपरी असम में आगे नहीं बढ़ सके. उन्होंने समुदाय से अपील की कि उन्हें हथियार उठाने की जरूरत नहीं है. सरकार इस समस्या का समाधान करेगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में हालात बेहतर होंगे. असम में कुल 126 विधानसभा सीटें हैं. माना जा रहा है कि मार्च या अप्रैल में चुनाव हो सकते हैं. भाजपा 2016 से सत्ता में है और तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है. एनडीए गठबंधन का लक्ष्य सौ से ज्यादा सीटें जीतने का बताया जा रहा है. इसी वजह से अमित शाह का यह दौरा चुनावी नजरिये से काफी अहम माना जा रहा है.
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