pakistani army killed 41 baloch: बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने हरनाई और पंजगुर में कार्रवाई कर 41 लोगों को मारने का दावा किया है और सभी को भारत समर्थित आतंकवादी बताया है, लेकिन कोई सबूत नहीं दिया गया है.

pakistani army killed 41 baloch: बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के एक बड़े सैन्य अभियान को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि उसने अलग–अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए कुल 41 लोगों को मार गिराया है. सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस यानी आईएसपीआर ने इन सभी को आतंकवादी बताया है. साथ ही इनका संबंध भारत से होने का आरोप भी लगाया गया है. हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने नहीं रखा गया है. आईएसपीआर के अनुसार यह ऑपरेशन खुफिया जानकारी के आधार पर बलूचिस्तान के हरनाई और पंजगुर जिलों में किया गया. बलूचिस्तान में पहले से ही सेना की कार्रवाई को लेकर नाराजगी बनी हुई है. हजारों परिवार आज भी अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं. आरोप है कि कई लोगों को सालों पहले सुरक्षा बल घरों से उठा ले गए थे. इसी पृष्ठभूमि में 41 लोगों के मारे जाने की खबर ने इलाके में डर और गुस्से का माहौल और बढ़ा दिया है.
पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये ऑपरेशन 29 जनवरी को किए गए थे. आईएसपीआर ने बताया कि मारे गए लोगों को फितना अल ख्वारिज और फितना अल हिंदुस्तान से जुड़ा बताया गया है. फितना अल ख्वारिज शब्द का इस्तेमाल पाकिस्तान में तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान से जुड़े लोगों के लिए किया जाता है. वहीं फितना अल हिंदुस्तान शब्द बलूच संगठनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जाती है कि पाकिस्तान में अस्थिरता फैलाने के पीछे भारत का हाथ है. सेना के बयान में कहा गया है कि इन समूहों की गतिविधियों को लेकर खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिला था. इसी आधार पर सेना ने दोनों जिलों में कार्रवाई शुरू की.
आईएसपीआर के मुताबिक पहला ऑपरेशन हरनाई जिले के बाहरी इलाके में किया गया. सेना को वहां कुछ लोगों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया. बयान में कहा गया कि जिस ठिकाने पर ये लोग मौजूद थे, उस पर सीधे कार्रवाई की गई. दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई. इसके बाद 30 लोगों के मारे जाने का दावा किया गया. पाकिस्तानी सेना ने इन्हें भारत समर्थित ख्वारिज बताया है. सेना का कहना है कि मौके से बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए. बाद में इन सभी विस्फोटकों को वहीं नष्ट कर दिया गया.
दूसरा ऑपरेशन बलूचिस्तान के पंजगुर जिले में किया गया. आईएसपीआर के अनुसार यहां भी खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई. इस ऑपरेशन में 11 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है. सेना ने इन सभी को भारत समर्थित आतंकवादी बताया है. आईएसपीआर का कहना है कि इन लोगों के पास से हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया. इसके साथ ही कुछ नकदी भी मिली है. दावा किया गया है कि यह वही पैसा है जो 15 दिसंबर 2025 को पंजगुर में हुई एक बैंक डकैती में लूटा गया था. सेना का कहना है कि मारे गए लोग पहले भी कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहे थे.

पाकिस्तानी सेना के इन दावों के बाद एक बार फिर बलूचिस्तान में मानवाधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है. स्थानीय लोगों और मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि बलूच युवकों को अक्सर बिना किसी पारदर्शी जांच के आतंकवादी बताकर मार दिया जाता है. भारत से संबंध जोड़ने का आरोप भी बार बार लगाया जाता है. लेकिन इसके ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किए जाते. बलूचिस्तान में पहले से ही गहरी असुरक्षा और गुस्से का माहौल है. कई परिवार अपने लापता बेटों और भाइयों की वापसी की मांग कर रहे हैं. ऐसे में 41 लोगों की मौत की यह घटना इलाके में हालात को और तनावपूर्ण बना सकती है.
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