लखनऊ के KGMU महिला रेजीडेंट डॉक्टर धर्मांतरण मामले में हुई जांच में पता चला है कि शारिक सिर्फ गवाह नहीं बल्कि धर्मांतरण के बाद में नकली डॉक्यूमेंट्स को तैयार करवाता था. अब उसे कोर्ट में पेश करने के बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
शारिक खान को किया गया था गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए KGMU धर्मांतरण मामले में बडा़ खुलासा हुआ है. इस मामले में गवाह शारिक खान को गिरफ्तार किया है. यह पूरा मामला KGMU महिला रेजीडेंट डॉक्टर धर्मांतरण कांड से जुड़ा हुआ है. जानकारी के मुताबिक शारिक कान धर्मांतरण के बाद में महिलाओं के नए नामों पर नकली दस्तावेजों को तैयार करवाता था. जानकारी के मुताबिक उसके पास से भी कई डिजिटल सबूत मिले हैं.
धर्मांतरण के बाद तैयार करवाता था नकली डॉक्यूमेंट्स
इस पूरे मामले में पुलिस ने शारिक खान को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अब जांच में सामने आया है कि वह गवाह नहीं था, बल्कि वह धर्मांतरण के बाद में नकली डॉक्यूमेंट्स को तैयार करवाता था. इस मामले में डॉ. रमीज के करीबी और धर्मांतरण में गवाह बनने वाले व्यक्ति शारिक खान को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
4 आरोपियों को किया जा चुका गिरफ्तार
लखनऊ के इस मामले में अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन अभी तक धर्मांतरण करने वाला काजी बीमारी और उम्र का बहाना देकर गिरफ्तार नहीं हुआ है. इस मामले की जांच में सामने आया है कि धर्म के बदलने के बाद में महिलाओं के नामों को बदला जाता था और उनके नए नामों के से फर्जी कागजों को भी तैयार किया जाता था. हालांकि अभी तक यह पता नहीं लग पाया कि कितनी महिलाओं का धर्मांतरण किया जा चुका है.
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया शारिक का मोबाइल
इस मामले में गिरफ्तार किए गए शारिक खान के मोबाइल से कई डिजिटल सबूतों को बरामद किया गया है. उसके मोबाइल को अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. पुलिस ने बताया कि शारिक गिरफ्तार होने के डर से दिल्ली, बरेली, पीलीभीत और उत्तराखंड के कई इलाकों में छिपता घूम रहा था. बताया जा रहा है कि शारिक विदेश भाग जाने की फिराक में था और उसने पासपोर्ट भी बनवा लिया था.
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