Pauri News: पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द को लेकर चल रहे विवाद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की एंट्री हो गई है. विवाद के दौरान खुद को मोहम्मद दीपक बताने वाले युवक के समर्थन में राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा-उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं, वो संविधान और इंसानियत से लड़ रहे हैं. अपने पोस्ट में उन्होंने BJP और संघ परिवार पर नफरत फैलाने और डर के सहारे राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने लिखा- उत्तराखंड की BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताकतों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी है। इसके साथ ही उन्होने लिखा- हम तुम्हारे साथ हैं भाई, तुम बब्बर शेर हो।
जानिए क्या है पूरा विवाद?
पूरा विवाद 28 जनवरी को हुआ था, जब कुछ हिंदू संगठनों ने मुस्लिम युवक कि दुकान के नाम पर आपत्ति जताई थी. मुस्लिम युवक ने अपनी दुकान का नाम ‘बाबा ड्रेस’ रखा था जिस पर हिंदू संगठनों के लोगों को आपत्ति थी. इस पूरे विवाद में दीपक मुस्लिम युवक के पक्ष में दिख रहा था. इस दौरान उसने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया था जबकि उसका असली नाम दीपक कुमार है.
बाबा कलेक्शन नाम की दुकान
पूरा मामला 26 जनवरी को पटेल मार्ग स्थित एक कपड़ों की दुकान ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ को लेकर विवाद शुरू हुआ. दुकान के मालिक 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद हैं, जो करीब 30 साल से यह दुकान चला रहे हैं. 26 जनवरी को तीन-चार युवक दुकान पर पहुंचे और खुद को बजरंग दल का सदस्य बताया. उन्होंने अहमद से कहा कि दुकान के नाम से ‘बाबा’ शब्द हटाना होगा. उनका कहना था कि ‘बाबा’ शब्द हिंदू धार्मिक पहचान से जुड़ा है और इसका इस्तेमाल मुसलमान नहीं कर सकते. आरोप है कि अहमद को धमकाया गया और चेतावनी दी गई कि अगर नाम नहीं बदला गया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।26 जनवरी को ही दीपक कुमार अपने दोस्त की दुकान पर मौजूद थे। वह बगल में ही एक जिम का संचालन करते हैं। उन्होंने देखा कि भीड़ अहमद को धमका रही है। सामने आए वीडियो में दीपक भीड़ का सामना करते हुए सवाल करते दिखे कि अगर दूसरे लोग ‘बाबा’ नाम इस्तेमाल कर सकते हैं, तो अहमद क्यों नहीं।
वीडियो में दीपक कहते दिखते हैं कि दुकान 30 साल पुरानी है और क्या अब नाम बदलना होगा. जब ग्रुप के एक व्यक्ति ने दीपक से पहचान पूछी, तो उन्होंने जवाब दिया- “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।” बाद में दीपक ने बताया कि यह वाक्य उन्होंने हिंदू और मुस्लिम पहचान को जोड़कर भारत के अपने विचार को सामने रखने के लिए कहा था.दीपक ने हिंदू संगठन का विरोध किया था और मौके पर वह धक्कामुक्की करते भी नजर आए थे तो इसके बाद उन्हें धमकियां मिलने लगीं. इससे परेशान होकर उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि…मैं हिंदू नहीं हूं, मैं मुसलमान नहीं हूं, मैं सिख नहीं हूं, और मैं ईसाई नहीं हूं। सबसे पहले, मैं एक इंसान हूं। क्योंकि मरने के बाद मुझे भगवान और इंसानियत को जवाब देना है, किसी धर्म को नहीं.
दीपक ने यह वीडियो उन धमकियों के जवाब में पोस्ट किया, जो उन्हें अपने विचारों और मुस्लिम दुकानदार के समर्थन के बाद मिल रही थीं. उन्होंने मीडिया से कहा कि वे पीछे नहीं हटेंगे इस वीडियो के वायरल होने के बाद बजरंग दल के लोगों ने दीपक के जिम के सामने हंगामा किया और गाली गलौच करना किया इसके बाद देश के कई बड़े नेता और चर्चीत चेहरे दीपक के समर्थन में आ गए देश भर से मिल रहे समर्थन और सोशल मीडिया के ज़रिए बने जन दबाव का नतीजा है कि पुलिस प्रशासन की तरफ़ से दीपक को शांति व्यवस्था और सुरक्षा का भरोसा दिया गया है.
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