bilari sp mla fahim irfan fake obc certificate: बिलारी से सपा विधायक फहीम इरफान पर फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र के सहारे चुनाव जीतने का आरोप लगा है और जांच के बाद उनका व उनके परिवार का प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया है. अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी और उनकी विधायकी पर संकट मंडराने लगा है.
bilari sp mla fahim irfan fake obc certificate: मुरादाबाद जिले की बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक फहीम इरफान पर गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि उन्होंने फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र के सहारे चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. प्रशासन की जांच के बाद फहीम इरफान और उनके परिवार के ओबीसी प्रमाण पत्र रद्द कर दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच में प्रमाण पत्र सही नहीं पाए गए. इसी आधार पर उन्हें निरस्त किया गया. अब इस कार्रवाई के बाद विधायक की सदस्यता पर संकट खड़ा हो गया है. आगे की कानूनी प्रक्रिया जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी. फिलहाल मामला पूरी तरह जांच और कानूनी दायरे में है और किसी भी तरह का अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है.
सूत्रों के अनुसार आरोप यह है कि गलत और फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर चुनावी लाभ लिया गया. जांच के दौरान यह देखा गया कि जिन दस्तावेजों के आधार पर ओबीसी प्रमाण पत्र जारी हुआ था, वे मानकों पर खरे नहीं उतरे. इसी कारण प्रशासन ने प्रमाण पत्र रद्द करने का आदेश दिया. अब यह भी देखा जाएगा कि क्या चुनाव आयोग या अदालत की ओर से इस मामले में आगे कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं. अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो विधायक की विधायकी पर सीधा असर पड़ सकता है. फिलहाल पूरे मामले को संवेदनशील माना जा रहा है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
बताया जा रहा है कि अब्दुल्ला आजम प्रकरण के बाद समाजवादी पार्टी से जुड़ा यह दूसरा बड़ा मामला माना जा रहा है. इससे पहले रामपुर से विधायक रहे आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम पर भी गंभीर आरोप लगे थे. उस मामले में आरोप था कि चुनाव लड़ने के लिए उम्र पूरी न होने के कारण जन्म तिथि में बदलाव कर दस्तावेज तैयार कराए गए थे. इन्हीं बदले हुए दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा था. बाद में इस पूरे मामले को लेकर अदालत में याचिका दाखिल की गई थी.
अब्दुल्ला आजम से जुड़े मामले की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे. जांच में पाया गया था कि अलग अलग जन्म तिथियों वाले दस्तावेजों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए गए थे. पासपोर्ट भी हासिल किया गया था. जैसे ही नामांकन दाखिल किया गया, राजनीतिक विरोधियों ने जन्म तिथि को लेकर सवाल उठाए. बाद में दो जन्म प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट और दो पैन कार्ड का मामला सार्वजनिक हुआ. इस प्रकरण में आकाश सक्सेना ने अदालत में याचिका दाखिल की थी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम के साथ आजम खान को भी दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी.
अब फहीम इरफान से जुड़ा मामला भी उसी तरह के आरोपों के कारण चर्चा में है. प्रशासनिक स्तर पर जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. कानूनी प्रक्रिया में यह भी देखा जाएगा कि क्या चुनाव जीतने में फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल हुआ या नहीं. फिलहाल यह साफ किया गया है कि यह सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और अंतिम फैसला अदालत या सक्षम प्राधिकरण करेगा. इस मामले में किसी डॉक्टर की भूमिका या नाम सामने नहीं आया है. यानी इस केस से जुड़ा कोई भी डॉक्टर संबंधित पक्ष के रूप में दर्ज नहीं है.
