qatar energy lng production: ये आर्टिकल होर्मुज मार्ग खुलने की उम्मीदों के बीच अगले दो महीनों में वैश्विक बाजार को एलएनजी (LNG) गैस से भरने के कतर के महाप्लान और उत्पादन क्षमता बहाली के लक्ष्यों पर आधारित है.

qatar energy lng production: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की उम्मीदों के बीच कतर ने लिक्विफाइड नैचुरल गैस यानी एलएनजी के उत्पादन को लेकर एक महाप्लान तैयार किया है. कतर का लक्ष्य अगले दो महीनों के भीतर अपनी ज्यादातर गैस निर्यात क्षमता को पूरी तरह बहाल करना है. कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी ‘कतरएनर्जी’ ने अपने खरीदारों को भरोसा दिलाया है कि जैसे ही होर्मुज मार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही शुरू होगी, उसके महज एक महीने के भीतर उत्पादन क्षमता को 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया जाएगा. इसके बाद दूसरे महीने में इसे 80 प्रतिशत तक पहुंचाने का बड़ा टारगेट सेट किया गया है. हालांकि बाकी बची 20 प्रतिशत क्षमता को ठीक करने में अभी लंबा वक्त लग सकता है, क्योंकि मार्च में हुए ईरानी मिसाइल हमलों के कारण कतर की दो प्रमुख प्रोडक्शन ट्रेनों को भारी नुकसान पहुंचा था.
आपको बता दें कि इस साल मार्च में जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा, तो युद्ध के पहले ही हफ्ते में हुए मिसाइल हमलों के बाद कतर को मजबूरन अपनी दुनिया की सबसे बड़ी एलएनजी उत्पादन फैसिलिटी को पूरी तरह बंद करना पड़ा था. कतर के इतिहास में यह बहुत बड़ा संकट था. इस वजह से उसके कई देशों के साथ हुए पुराने निर्यात समझौते बीच में ही रद्द हो गए थे. दुनिया भर में एक भरोसेमंद गैस सप्लायर के रूप में कतर की जो साख थी, उसे भी इस ब्लॉकेड के कारण गहरा झटका लगा था. कतर का ‘रास लाफान कॉम्प्लेक्स’ दुनिया का एक ऐसा पावरहाउस है, जिसने पिछले साल पूरी दुनिया की कुल एलएनजी जरूरत का करीब पांचवां हिस्सा अकेले ही सप्लाई किया था. लेकिन होर्मुज मार्ग बंद होने से पिछले तीन महीनों से यह विशाल कॉम्प्लेक्स लगभग पूरी तरह ठप और शांत पड़ा हुआ था.
भले ही वैश्विक स्तर पर कतर की गैस सप्लाई रुकी हुई थी, लेकिन कतर के इंजीनियर और अधिकारी अप्रैल के महीने से ही अंदरूनी तौर पर उत्पादन दोबारा शुरू करने की सीक्रेट तैयारियों में जुटे थे. कतरएनर्जी कंपनी पिछले कई हफ्तों से अपने सभी बड़े उपकरणों की बारीकी से जांच कर रही थी और जरूरी मेंटेनेंस का काम भी समय पर पूरा किया जा रहा था. इस दौरान कुछ छोटी प्रोडक्शन यूनिट्स को बेहद कम क्षमता पर चालू रखा गया था. ऐसा इसलिए किया गया था ताकि कतर के जो पड़ोसी देश हैं, उन्हें जरूरत के मुताबिक गैस मिलती रहे और जैसे ही मुख्य समुद्री रास्ता खुले, वैसे ही मुख्य प्लांट में उत्पादन की रफ्तार को तुरंत बुलेट ट्रेन की तरह बढ़ाया जा सके. दुनिया के बड़े-बड़े बिजनेस विश्लेषकों और कारोबारियों को भी इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि कतर इतनी जल्दी यानी महज एक महीने में अपना आधा उत्पादन दोबारा शुरू कर देगा.
इस पूरे मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान भी सामने आया है. ट्रंप ने दावा किया है कि स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले अंतरिम शांति समझौते पर इसी शुक्रवार को दस्तखत हो जाएंगे. इस ऐतिहासिक समझौते के तुरंत बाद होर्मुज का यह बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए दोबारा खोल दिया जाएगा. हालांकि ट्रंप के इस दावे पर उनके यूरोपीय सहयोगी देश पूरी तरह भरोसा नहीं कर पा रहे हैं. एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि समुद्री रास्ते को जहाजों के लिए खोलना इतना आसान भी नहीं है. ईरान ने युद्ध के दौरान इस रूट पर कई खतरनाक बारूदी सुरंगें बिछाई थीं, जिन्हें पूरी तरह हटाना अभी बाकी है. यही वजह है कि बड़े जहाजों के मालिक और अंतरराष्ट्रीय कारोबारी अभी भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं.
कतर की एलएनजी गैस का वैश्विक बाजार में इतनी तेजी से वापस आना पूरी दुनिया के लिए एक संजीवनी बूस्ट की तरह साबित हो सकता है. इस सप्लाई से पिछले कई महीनों से दुनिया भर में चल रही गैस की भारी किल्लत और हाहाकार को तुरंत खत्म करने में मदद मिलेगी. अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबरों के बाद भी यूरोप और एशिया के देशों में एलएनजी की कीमतें युद्ध से पहले के मुकाबले काफी ज्यादा बनी हुई हैं. कतर ने इस पूरे संकट काल के दौरान अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अनोखा तरीका अपनाया था. उसने अपने कुछ एलएनजी टैंकरों की असली लोकेशन को दुनिया से छिपाकर बेहद गुप्त तरीके से एशियाई खरीदारों तक सीमित मात्रा में गैस पहुंचाई थी. लेकिन अब कतर ने ठान लिया है कि वह बहुत जल्द अपने पुराने वाले पुराने रिकॉर्ड स्तर पर लौटकर पूरी दुनिया को गैस से भर देगा.
