Bengal STF Arrest: पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने बर्दवान से पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध हमीम मंडल को गिरफ्तार किया है, जिसके मोबाइल से पाकिस्तान के संपर्क और वीआईपी नेताओं की निगरानी के सुराग मिले हैं.

Bengal STF Arrest: पश्चिम बंगाल में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है. एसटीएफ की टीम ने हावड़ा के रहने वाले हमीम मंडल नाम के एक संदिग्ध को बर्दवान शहर से गिरफ्तार किया है. वह बर्दवान की एक निजी टाउनशिप में छिपा हुआ था. पुलिस को शक है कि वह आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तानी संपर्कों से जुड़ा हुआ था.
महीनों से एजेंसियों की रडार पर था संदिग्ध
हमीम मंडल पर सुरक्षा एजेंसियां पिछले कई महीनों से लगातार नजर रख रही थीं. पिछले चार-पांच दिनों से उस पर बहुत सख्त निगरानी रखी जा रही थी. मौका मिलते ही शुक्रवार तड़के टीम ने उसे दबोच लिया. पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन भी ज़ब्त किया है. इस फोन की शुरुआती जांच में पाकिस्तान के कई संदिग्ध नंबरों से बातचीत और संदेशों के सबूत मिले हैं.
मोबाइल से मिले संदिग्ध व्हाट्सएप चैट और रिकॉर्ड्स
पुलिस की जांच में पता चला है कि हमीम राज्य के अलग-अलग जिलों में काफी आता-जाता था. उसके फोन में कई तरह की संदिग्ध चीजें पाई गई हैं. अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल में जुटी हैं कि क्या उसका संबंध कुख्यात शहजाद भट्टी गैंग से भी था. सुरक्षा बल इस पूरे नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
दर्जी का काम करने वाला संदिग्ध बर्दवान कैसे पहुँचा
पकड़ा गया संदिग्ध पहले हावड़ा के पिलखाना इलाके में दर्जी का काम करता था. वह वहां कपड़े और वर्दियां सिलने के काम से जुड़ा हुआ था. कुछ समय पहले जब पिलखाना में अतिक्रमण हटाने और बेदखली के नोटिस जारी हुए, तो वह वहां से भागकर बर्दवान चला आया. यहाँ आकर उसने अपना ठिकाना बदल लिया था ताकि किसी को उस पर शक न हो.
वीआईपी नेताओं की निगरानी का बड़ा शक
पुलिस सूत्रों का मानना है कि हमीम बंगाल के कई बड़े राजनीतिक नेताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहा था. आशंका जताई जा रही है कि उसके निशाने पर राज्य के प्रमुख नेता भी शामिल थे. इस जानकारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां और भी ज्यादा सतर्क हो गई हैं. अब उससे इस बारे में विस्तार से पूछताछ की जा रही है.
अदालत में पेशी के बाद कोलकाता लाया जाएगा
सुरक्षा बल हमीम को पहले बर्दवान की स्थानीय अदालत में पेश करेंगे. इसके बाद अदालत से रिमांड लेकर उसे विस्तृत पूछताछ के लिए कोलकाता लाया जाएगा. एसटीएफ यह पता लगाने में लगी है कि बंगाल में उसके साथ और कौन-कौन से लोग शामिल हैं और उन्हें कहाँ से फंडिंग मिल रही थी.
