mumbai court flying kiss case: मुंबई की अदालत ने 9 साल पुराने फ्लाइंग किस कांड में आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा और 3,000 रुपये का जुर्माना सुनाया है. यह फैसला पीड़िता और उसके परिवार के लिए लंबे समय बाद न्याय साबित हुआ है.

mumbai court flying kiss case: मुंबई की अदालत ने 9 साल पुराने एक छेड़छाड़ मामले में आरोपी को तीन साल की सजा सुनाई है. यह मामला साल 2017 में हुए हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम से जुड़ा है, जब एक 16 वर्षीय लड़की को उसके पड़ोसी ने फ्लाइंग किस दिया था. इस घटना के बाद आरोपी ने लड़की का पीछा किया और हाथ पकड़कर खींचने की कोशिश की. परिवार की शिकायत पर मामला पुलिस तक पहुंचा और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोषी ठहराया. विशेष अदालत ने आरोपी को तीन साल की जेल और 3,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया.
साल 2017 की घटना के दौरान आरोपी की उम्र 19 साल थी. शुरुआत में परिवार को इस बात का पता नहीं चला, लेकिन पड़ोसी ने लड़की की मां को जानकारी दी. इसके बाद लड़की ने पूरी घटना परिवार को बताई. उस समय लड़की काफी सहमी हुई थी और डर के कारण तुरंत किसी को कुछ नहीं बताया. हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम में हुए फ्लाइंग किस के बाद मामला स्पष्ट हुआ और परिवार ने आरोपी और उसके परिवार को समझाने की कोशिश की.
फिर भी आरोपी और उसके परिवार ने उल्टा गालियां दी और स्थिति बिगड़ने पर परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की गई और मामला अदालत में गया. अदालत में आरोपी की ओर से वकील ने दलील दी कि यह हरकत जानबूझकर नहीं की गई थी और डांस के दौरान फ्लाइंग किस का इशारा मात्र था. लेकिन पीड़िता ने यह दावे पूरी तरह खारिज किए.
अदालत ने स्पष्ट किया कि फ्लाइंग किस देना यौन इशारा है और यह पीड़िता की गरिमा का उल्लंघन करता है. इसे यौन उत्पीड़न की श्रेणी में रखा गया. आरोपी ने यह भी दावा किया कि घटना की जानकारी देने वाले पड़ोसी से उनकी दुश्मनी थी. लेकिन अदालत ने पाया कि पीड़िता या परिवार की कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं थी और इस वजह से मामला सिरे से गंभीर माना गया.
अंततः अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया और तीन साल की सजा सुनाई. साथ ही 3,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. अदालत ने कहा कि आरोपी का शादीशुदा होना या उसका तीन महीने का बच्चा होने से अपराध की गंभीरता कम नहीं होती. इस फैसले से पीड़िता और उसके परिवार को 9 साल बाद न्याय मिला और यह मिसाल भी बनी कि कोई अपराध बगैर सजा नहीं रह सकता है.
