howard lutnick india visit: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप की ग्लोबल टैरिफ नीति को रद्द किए जाने के बीच अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने दिल्ली में पीयूष गोयल से मुलाकात कर व्यापारिक संबंधों पर चर्चा की है. इस अचानक हुई बैठक को भविष्य की नई व्यापारिक दिशा और ट्रंप के फैसलों से मिलने वाली राहत के तौर पर देखा जा रहा है.

howard lutnick india visit: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वैश्विक टैरिफ मामले में बड़ा झटका लगने के कुछ ही दिनों बाद एक अहम घटनाक्रम सामने आया. अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक अचानक भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंचे. यह दौरा पूरी तरह तय कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बताया गया. गुरुवार 26 फरवरी को उन्होंने भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने साथ में लंच किया. इस बैठक को भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. दौरे का समय इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ दिन पहले ही अमेरिका की शीर्ष अदालत ने ट्रंप के टैरिफ फैसले को अमान्य कर दिया था.
इस मुलाकात की जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दी. सर्जियो गोर ने तीनों नेताओं की एक तस्वीर साझा की. उन्होंने लिखा कि लंच के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के कई नए क्षेत्रों पर सार्थक बातचीत हुई. वहीं पीयूष गोयल ने कहा कि यह चर्चा भारत और अमेरिका के व्यापार तथा आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिहाज से काफी उपयोगी रही. दोनों नेताओं की बातों से यह साफ संकेत मिला कि आने वाले समय में व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश की जा रही है.
इस बैठक के बाद हॉवर्ड लटनिक दिल्ली से आगे रवाना हो गए. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने बताया कि दोनों देशों ने आपसी व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की. हालांकि इस पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई. बताया गया कि इसके बाद लटनिक राजस्थान के जोधपुर चले गए. जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार वह वहां एक निजी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे. यह समारोह टेक इंडस्ट्री के बड़े अधिकारी निकेश अरोड़ा की बेटी की शादी से जुड़ा था. इस कार्यक्रम में मशहूर आइस हॉकी खिलाड़ी जैक ह्यूजेस भी शामिल होने वाले थे.
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका की सर्वोच्च अदालत अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के एक बड़े फैसले को रद्द कर दिया है. अदालत ने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत लगाए गए वैश्विक टैरिफ को अमान्य घोषित कर दिया. यह फैसला बीस फरवरी को सुनाया गया था. इससे ट्रंप की व्यापार नीति को बड़ा झटका माना जा रहा है. इसी पृष्ठभूमि में अमेरिकी वाणिज्य सचिव का भारत दौरा काफी अहम माना जा रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका अब अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ नए विकल्पों पर बातचीत तेज करना चाहता है.
जानकारी के मुताबिक ट्रंप ने वर्ष उन्नीस सौ चौहत्तर के व्यापार अधिनियम की धारा एक सौ बाईस का हवाला देते हुए दस प्रतिशत का नया वैश्विक टैरिफ लागू किया था. इसके बाद उन्होंने चौबीस घंटे से भी कम समय में इसे बढ़ाकर पंद्रह प्रतिशत करने की बात कही थी. हालांकि फिलहाल सभी व्यापारिक साझेदार देशों पर मौजूदा एमएफएन दरों के अलावा दस प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ ही लागू है. यह व्यवस्था एक सौ पचास दिनों के लिए वैध मानी गई है. ऐसे समय में भारत और अमेरिका के बीच हुई यह अचानक बैठक आने वाले व्यापारिक फैसलों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है.
