हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र को बेहद पवित्र त्योहार माना जाता है. इस बार चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है और चैत्र नवरात्र का समापन 27 मार्च को होगा. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र को बहुत पवित्र माना जाता है. इन दिनों में भक्त व्रत रहकर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.
व्रत और पूजा नियमों के खिलाफ होती हैं ये गलतियां
आपको बता दें कि धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक चैत्र नवरात्र के दौरान सिर्फ पूजा ही नहीं, बल्कि लोगों का आचरण, खानपान और दिनचर्या में भी पवित्रता के साथ अनुशासन को बनाए रखना जरूरी होता है. इन दिनों में कई ऐसी छोटी सी गलतियां होती हैं, जो व्रत और पूजा के नियमों के खिलाफ मानी जाती हैं. इस रिपोर्ट में हम आपको उन्हीं कुछ गलतियों के बारे में बता रहे हैं.
तासमिक खाने से दूर रहें
नवरात्र के दौरान किसी भी स्थिति में शराब, लहसुन, प्याज और मांस जैसे तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए और इनके सेवन से बचना चाहिए.
विवाद और गुस्से से बचें
चैत्र नवरात्र में सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि मन की शुद्धि भी बेहद जरूरी होती है. जिसके चलते इन दिनों गुस्सा, झगड़ा या फिर किसी व्यक्ति को गलत शब्द बोलने से बचना चाहिए.
बाल और दाढ़ी न कटवाएं
हिंदू धर्म में धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जो भी भक्त नवरात्र में व्रत रखते हैं, उन्हें इन नौ दिनों में बाल मूंछ और दाढ़ी कटवाने से बचना चाहिए.
नाखूनों को न काटें
चैत्र नवरात्रों के दिनों में नाखूनों को काटना भी अच्छा नहीं माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इन दिनों में शरीर से जुड़ी हुई ऐसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए.
नशे से दूर रहें
चैत्र नवरात्र में अगर आप व्रत हैं, तो किसी भी तरह के नशे या तंबाकू से दूर रहें, व्रत के दौरान नशे का सेवन करना व्रत की पवित्रता को प्रभावित करता है.
पाट करते समय ध्यान रखें
चैत्र नवरात्र में अगर आप दुर्गा चालीसा, मंत्र या दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं, तो उस दौरान बीच में बातचीत करना या फिर उठना अच्छा नहीं होता है.
घर को नहीं छोड़ा जाता है खाली
आपने अगर अपने घर में नवरात्र के दौरान अखंड ज्योति को जलाया है, तो घर को खाली छोड़कर बाहर नहीं जाया जाता है. अगर आप घर छोड़कर जाते हैं को आपकी पूजा अधूरी मानी जाती है.
