नवरात्र का समय चल रहा है. इस समय में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. कई लोग नौ दिनों तक व्रत रखते हैं. तो वहीं कई लोग अंतिम और शुरू के दिनों में व्रत रखते हैं. इस समय मां की काफी श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है. वह मां की भक्ति में इस समय काफी लीन दिखाई देते हैं. अंतिम दिन पर कई लोग मां की पूजा के समय आपको हवन करते हुए दिखाई देंगे. हालांकि, आज हम आपको ऐसी गलती के बारे में बताने जा रहें है, जो कि कई लोग इस समय में करते हैं. कई लोगों को पता नहीं होता है और वह अनजाने में इस गलती को कर बैठते हैं. आज हम आपको इसी के बारे में बताने वाले हैं.
दरअसल, तुलसी आपने हर पूजा में चढ़ते हुए देखा होगा. इसी कारण से लोगों को लगता है कि वह दुर्गा पूजा में भी इसे चढ़ा सकते हैं. हालांकि, यहीं उनकी सबसे बड़ी भूल होती है.
पुरानी और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी के पत्ते मां दुर्गा की पूजा के लिए वर्जित माने जाते है. अगर कोई व्यक्ति पूजा में तुलसी के पत्ते चढ़ाता है तो मां चंडिका उस व्यक्ति से नाराज हो जाती है.
क्या हैं इनके पीछे के कारण
कई मान्यताओं का कहना हैं कि तुलसी के पत्ते की गंध से मां देवी को क्रोध आता है. उन्हें इसकी सुगंध पसंद नहीं है. इसी कारण से इसको चढ़ाने के लिए मना किया जाता है.
तुलसी को विष्णु का अवतार भी माना जाता है. इनका संबंध विष्णु और लक्ष्मी से है. इसी कारण से इन्हें विष्णु पूजा के लिए अच्छा माना जाता है.
क्या चढ़ाना चाहिए
हालांकि, कई जगह मान्यता हैं कि मां दुर्गा को वन तुलसी ही चढ़ाई जा सकती है.
इसके अलावा आप उन्हें फूल चढ़ा सकते हैं. फूल को चढ़ाते समय लेकिन एक चीज का हमेशा ध्यान रखना चाहिए. मां दुर्गा को नीचे गिरे हुए फूल चढ़ाना भी वर्जित माना जाता है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है. बता दें कि thetruth24 किसी भी प्रकार की जानकारी एवं मान्यताओं की पुष्टि नहीं कर रहा. किसी भी जानकारी एवं मान्यता से पहले उसके विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें.
ये भी पढ़ें: अब पेट्रोल पंप पर भी मिलेगी शराब, इस शहर में लागू हुई नई एक्साइज पॉलिसी; आसानी से खरीद सकेंगे वीयर और वाइन
